
इजरायल ने शनिवार को ईरान के खिलाफ प्री-एम्प्टिव मिसाइल हमले शुरू किए। इजरायली रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा कि ये कार्रवाई देश पर मंडरा रहे खतरों को खत्म करने के लिए की गई है। इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने पूरे देश में सायरन बजाकर नागरिकों को सतर्क किया और सुरक्षित स्थानों के पास रहने की अपील की।
तेहरान में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं। ईरानी सरकारी मीडिया ने राजधानी में विस्फोटों की पुष्टि की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई को सुरक्षा कारणों से “सुरक्षित स्थान” पर ले जाया गया है। तेहरान के कुछ हिस्सों में मोबाइल सेवाएं बाधित हैं और इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर बताई जा रही है।
इजरायल ने होम फ्रंट कमांड गाइडलाइंस में बदलाव करते हुए देशभर में शैक्षणिक गतिविधियों, सार्वजनिक जमावड़ों और गैर-जरूरी कार्यस्थलों पर रोक लगा दी है। आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी। रक्षा मंत्री ने नागरिक सुरक्षा कानून के तहत विशेष आपात स्थिति की घोषणा की है और संभावित मिसाइल व ड्रोन हमलों की चेतावनी दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों में अमेरिका की भूमिका भी बताई जा रही है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का तीसरा दौर जिनेवा में हो चुका है, और आगे बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “कठिन” और “खतरनाक” बताते हुए कहा कि अमेरिका को बड़ा फैसला लेना है, लेकिन वे शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देते हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा और कूटनीति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।









