लखनऊ : छोटे इमामबाड़े पर खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन, शिया समुदाय के लोगों ने लहराए काले झंडे

अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे युद्ध में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इस हमले में उनकी बेटी, दामाद और पोते भी मारे गए हैं। खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सआदतगंज इलाके में शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।

मौलाना कल्बे जवाद ने किया शोक का ऐलान
इस घटना के बाद, शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने खामेनेई की मौत पर तीन दिन के शोक का ऐलान किया है। उन्होंने सभी से अपील की है कि इस दौरान अपने घरों पर काले परचम लहराए जाएं और दुकानों को बंद रखा जाए। रविवार रात 8 बजे छोटे इमामबाड़े में शोकसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

मौलाना यासूब अब्बास का बयान
शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने खामेनेई की हत्या पर कहा कि विरोधस्वरूप लोग काले कपड़े पहनेंगे और घरों पर काले झंडे लगाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है, और दुनिया का यह मानना गलत है कि खामेनेई की हत्या से ईरान खत्म हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और इजरायल को ईरान से एक करारा जवाब मिलेगा और लखनऊ में इमामबाड़े पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा।

श्रीनगर में भी विरोध प्रदर्शन
लखनऊ के अलावा, जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में भी खामेनेई की हत्या के खिलाफ शिया समुदाय ने विरोध प्रदर्शन किया। श्रीनगर के लाल चौक पर काले कपड़े पहनकर और काले झंडे लेकर लोग सड़कों पर उतरे और इस घटना का विरोध किया।

ईरान के शीर्ष अफसर भी मारे गए
यह जानकारी मिली है कि अमेरिका और इजरायल के मिसाइल हमलों में खामेनेई के साथ-साथ उनके शीर्ष राजनीतिक सलाहकार अली शमकानी और ईरान की डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी भी मारे गए हैं। इसके अलावा, आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ मोहम्‍मद पाकपोर की भी मौत हो गई है। खामेनेई की हत्या के बाद, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने ईरान के इतिहास में सबसे खतरनाक हमले की घोषणा की है।

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