तबाही के मुहाने पर पाकिस्तान, शहबाज सरकार ने लगाए 10 सख्त प्रतिबंध, कंगाली के बीच पेट्रोल-डीजल के लिए हाहाकार…

पाकिस्तान में आर्थिक तबाही और ईंधन संकट। पीएम शहबाज शरीफ ने लगाए 10 बड़े प्रतिबंध। जानिए क्यों विफल रही पाकिस्तान की डिप्लोमेसी और भारत कैसे है स्थिर।

दुनिया भर में जारी युद्ध के हालातों और बिगड़ती वैश्विक अर्थव्यवस्था के बीच पड़ोसी देश पाकिस्तान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार में भारी गिरावट और पेट्रोल-डीजल की किल्लत ने मुल्क की कमर तोड़ दी है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को देश को बचाने के लिए 10 बड़े और कड़े प्रतिबंध लागू करने पड़े हैं।

मध्यस्थता का नहीं मिला कोई ‘इनाम’
पाकिस्तान ने हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाकर अपनी अंतरराष्ट्रीय साख बचाने की कोशिश की थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस ‘डिप्लोमैटिक हेल्प’ के बदले उसे कोई बड़ा आर्थिक पैकेज या राहत मिलेगी, लेकिन वैश्विक शक्तियों की ओर से उसे कोई खास तवज्जो नहीं मिली। अब पाकिस्तान पूरी तरह अलग-थलग पड़ता नजर आ रहा है।

कंगाली में आटा गीला, ईंधन का संकट
पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, और कई शहरों में स्टॉक खत्म होने की कगार पर है। सरकार ने फिजूलखर्ची रोकने के लिए सरकारी दौरों, नई गाड़ियों की खरीद और बिजली की खपत पर सख्त पाबंदियां लगा दी हैं। बाजार जल्दी बंद करने के आदेश दिए गए हैं ताकि ईंधन और बिजली बचाई जा सके।

भारत की स्थिरता बनी मिसाल
एक ओर जहां पाकिस्तान पाई-पाई को मोहताज है, वहीं भारत ने वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने नागरिकों पर बोझ नहीं पड़ने दिया है। भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और कुशल प्रबंधन को दर्शाता है।

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