
उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण इस बार पिछले सभी संस्करणों की तुलना में अधिक बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा। 25 से 29 सितंबर तक इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा में होने वाले इस आयोजन को आकार और भागीदारी के लिहाज से चार गुना बड़ा बनाने की तैयारी की गई है।
75 देशों के खरीदारों को दिया जाएगा आमंत्रण
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) और एमएसएमई एक्सपोर्ट प्रमोशन विभाग के सहयोग से छह महाद्वीपों के 75 देशों से करीब 550 विदेशी खरीदारों को आमंत्रित किया जा रहा है। इस बार आयोजन का विशेष फोकस यूएई, ओमान, यूके, न्यूजीलैंड और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट वाले देशों पर रहेगा।
प्री-फिक्स बी2बी बैठकों से बढ़ेंगे व्यापारिक अवसर
आयोजन के दौरान विदेशी खरीदारों और उत्तर प्रदेश के निर्यातकों के बीच प्री-फिक्स बी2बी बैठकें कराई जाएंगी। इससे प्रदेश के उद्यमियों को बिचौलियों के बिना सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा और व्यापारिक सौदों को गति मिलेगी।
ओसाका में आयोजित होगा विशेष रोड शो
ट्रेड शो से पहले 17 से 19 जून तक जापान के ओसाका शहर में विशेष रोड शो आयोजित किया जाएगा। ओसाका वर्ल्ड एक्सपो के दौरान होने वाला यह कार्यक्रम जापानी निवेशकों और खरीदारों को उत्तर प्रदेश के उत्पादों और संभावनाओं से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
ओडीओपी समेत कई प्रमुख सेक्टरों की होगी भागीदारी
इस वर्ष यूपीआईटीएस में ओडीओपी, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, लेदर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और एमएसएमई सेक्टर की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है।
मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में होगी यूपी की ब्रांडिंग
इस मेगा आयोजन के जरिए उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भी प्रस्तुत किया जाएगा। पिछले संस्करण में 64 देशों के 350 से अधिक खरीदार शामिल हुए थे, जबकि इस बार देशों और खरीदारों दोनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
निर्यातकों के लिए ग्लोबल मार्केट का नया मंच
फियो के उपनिदेशक रोहित तेजपाल ने कहा कि यूपीआईटीएस अब केवल एक ट्रेड शो नहीं, बल्कि प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि 75 देशों से 550 खरीदारों की भागीदारी इस बार की बड़ी उपलब्धि होगी और प्री-फिक्स बी2बी बैठकों के जरिए व्यापारिक सौदे मौके पर ही तय किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि ओडीओपी और हस्तशिल्प उत्पादों को लेकर यूएई, यूके और यूरोप के खरीदारों में विशेष रुचि देखने को मिल रही है, जबकि ओसाका रोड शो से जापान के साथ नए व्यापारिक अवसर खुलने की उम्मीद है।









