
खेल डेस्क : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के महामुकाबले शुरू होने से ठीक पहले पांच बार की चैंपियन ब्राजील (Selecao) के खेमे से एक बेहद निराश करने वाली खबर सामने आ रही है। ब्राजील के सबसे बड़े स्टार और जादुई फॉरवर्ड नेमार जूनियर (Neymar Jr.) मोरक्को के खिलाफ होने वाले अपनी टीम के पहले ग्रुप मैच से पूरी तरह बाहर हो गए हैं। शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी (Carlo Ancelotti) ने आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि की है कि नेमार अभी मैच के लिए 100% फिट नहीं हैं।
भारतीय समयानुसार (IST) 14 जून से ब्राजील अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत अमेरिका के मशहूर मेटलाइफ स्टेडियम में ग्रुप-सी (Group C) के पहले मुकाबले में मोरक्को के खिलाफ करेगा। टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले ट्रेनिंग सेशन के दौरान नेमार की पिंडली (Calf) में चोट लग गई थी, जिसके बाद से ही उनके खेलने पर सस्पेंस बना हुआ था। एंसेलोटी ने नेमार की फिटनेस पर अपडेट देते हुए कहा, “नेमार जल्द से जल्द मैदान पर वापसी करने के लिए जिम और मैदान पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें पूरी उम्मीद है कि वह अगले हफ्ते तक टीम के साथ पूरी ट्रेनिंग पर लौट आएंगे।”
हैती और स्कॉटलैंड के खिलाफ वापसी की उम्मीद, टॉप-10 टीमों में होगी भिड़ंत
कोच एंसेलोटी ने भरोसा जताया है कि नेमार ग्रुप स्टेज के बाकी बचे दो मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। ब्राजील का अगला मैच 19 जून को हैती से और 24 जून को स्कॉटलैंड के खिलाफ होना है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो वर्ल्ड कप के इतिहास में ब्राजील और मोरक्को केवल दूसरी बार आमने-सामने होने वाले हैं। इससे पहले साल 1998 के वर्ल्ड कप में दोनों की भिड़ंत हुई थी, जहां ब्राजील ने 3-0 से एकतरफा जीत दर्ज की थी। उस मैच में महान रोनाल्डो नाज़ारियो और रिवाल्डो ने अपने वर्ल्ड कप करियर का पहला गोल दागा था।
वर्ल्ड कप में अफ़्रीकी टीमों के ख़िलाफ़ ब्राज़ील का हमेशा से दबदबा रहा है, जहां उन्होंने 8 में से 7 मुकाबले जीते हैं और एकमात्र हार 2022 में कैमरून के खिलाफ झेली थी। वर्तमान फीफा रैंकिंग में छठे स्थान पर मौजूद ब्राजील और आठवें स्थान पर काबिज मोरक्को का यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि पूरे ग्रुप स्टेज में यह एकमात्र ऐसा मैच है जहां फीफा रैंकिंग की टॉप-10 की दो टीमें आपस में टकरा रही हैं। कोच एंसेलोटी ने विपक्षी टीम का सम्मान करते हुए कहा, “मोरक्को एक ऐसी टीम है जो किसी को भी टक्कर दे सकती है, लेकिन हमारे पास टेक्निकल क्वालिटी और अनुभव है। इस समय वर्ल्ड कप जीतने के लिए कोई एक टीम फेवरेट नहीं है, कई टीमें आखिरी तक रेस में बनी रहेंगी।”









