मुंबई में “भजन क्लबिंग” का बढ़ता ट्रेंड, Gen Z के बीच नया आध्यात्मिक-कल्चर फ्यूजन

मुंबई में एक नया और तेजी से लोकप्रिय हो रहा ट्रेंड सामने आया है, जिसे “भजन क्लबिंग” कहा जा रहा है। एयरक्राफ्ट हैंगर जैसे विशाल वेन्यू में आयोजित इन इवेंट्स में हजारों की संख्या में Gen Z, कॉलेज स्टूडेंट्स और युवा प्रोफेशनल्स शामिल हो रहे हैं। एंट्री के समय QR कोड स्कैन और रिस्टबैंड सिस्टम के जरिए एंट्री दी जाती है, जबकि दोस्त समूहों में सेल्फी लेते हुए कार्यक्रम का हिस्सा बनते हैं।

कॉन्सर्ट म्यूजिक की जगह सदियों पुराने हिंदू भजन और भक्ति गीत बजाए जाते

इन आयोजनों में खास बात यह है कि यहां पारंपरिक क्लबिंग या कॉन्सर्ट म्यूजिक की जगह सदियों पुराने हिंदू भजन और भक्ति गीत बजाए जाते हैं। जैसे ही संगीत शुरू होता है, पूरा माहौल भक्तिमय ऊर्जा से भर जाता है और भीड़ तालियों, नारों और नृत्य के साथ इसमें शामिल हो जाती है।

शराब और नशीले पदार्थों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया

आयोजकों द्वारा इन इवेंट्स में शराब और नशीले पदार्थों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है, जिसे दर्शक भी खुले तौर पर स्वीकार कर रहे हैं। कई प्रतिभागियों का कहना है कि यह अनुभव उन्हें पारंपरिक पार्टी कल्चर से अलग, एक शांत और सकारात्मक माहौल देता है।

इवेंट में शामिल युवा इसे “स्पिरिचुअल क्लबिंग” का रूप बता रहे हैं, जहां क्लबिंग जैसा प्रोडक्शन—जैसे LED लाइट्स, स्मोक इफेक्ट और स्टेज सेटअप और भक्ति संगीत के साथ मिलकर एक नया अनुभव तैयार करता है।

यह फॉर्मेट सोशल कनेक्शन और मानसिक शांति दोनों प्रदान करता

विशेषज्ञों और आयोजकों के अनुसार, यह ट्रेंड खासकर उन युवाओं में काफी लोकप्रिय हो रहा है जो तेज़ी से बदलते शहरी जीवन में तनाव और एंग्जायटी से राहत की तलाश में हैं। उनका मानना है कि यह फॉर्मेट सोशल कनेक्शन और मानसिक शांति दोनों प्रदान करता है।

दिल्ली और बेंगलुरु में भी आयोजित किए जा रहे

मुंबई के साथ-साथ अब ऐसे इवेंट्स दिल्ली और बेंगलुरु में भी आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि विदेशों में भी इसी तरह के प्रयोग देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन इवेंट्स के वीडियो लाखों व्यूज़ हासिल कर रहे हैं और यह तेजी से एक नए सांस्कृतिक ट्रेंड के रूप में उभर रहा है।

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