
कोसीकलां : राजस्थान के चूरू जिले में सट्टा किंग के नाम से मशहूर एक युवक काफी शातिर निकला। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर तारानगर में मशहूर 1200 साल पुराने शीतलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर से करोड़ों रुपये की 13 अष्टधातु की मूर्तियां चुरा लीं। पुलिस ने उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर उनसे चोरी की गई मूर्तियां बरामद कर जेल भेज दिया है।
वही चूरू जिले के SSP निश्चय प्रसाद ने बताया, रविवार रात मशहूर शीतलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर के गर्भगृह से तीर्थंकरों की 13 पुरानी और कीमती अष्टधातु की मूर्तियां चोरी हो गईं। घटना की जांच के लिए टीमें बनाई गईं। टेक्निकल सबूत, CCTV फुटेज और दूसरे सुझावों के आधार पर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान घटना में इस्तेमाल अर्टिगा कार की पहचान हो गई। यह कार मथुरा जिले की थी।
गाड़ी का नंबर ट्रेस करके मथुरा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से मालिक की जानकारी मिली। 1 जुलाई को कोसीकलां के मुहल्ला सरायशाही के रहने वाले इसराइल भटियारा को उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपने दो और साथियों के नाम बताए, जिन्हें बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली
आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की गई सभी 13 अष्टधातु की मूर्तियां, घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली गई है। इंटरनेशनल मार्केट में इन मूर्तियों की कीमत करोड़ों रुपये आंकी गई है। SSP ने बताया कि यह गैंग इंटर-स्टेट लेवल पर एक्टिव था और राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मंदिरों को टारगेट करता था। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। इसके साथ ही मुख्य आरोपी इसराइल भटियारा का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से घटना को अंजाम देते थे
उन्होंने बताया, जांच में पता चला है कि आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से घटना को अंजाम देते थे। गैंग के सदस्य मंदिरों और धर्मशालाओं में भक्त बनकर रुकते थे। इस दौरान वे मंदिर का सिक्योरिटी सिस्टम, मूर्तियों की जगह और आने-जाने के रास्ते चेक करते थे। इसके बाद ताले तोड़कर वारदात को अंजाम देते थे।









