
केंद्रीय टेक्सटाइल मंत्री गिरिराज सिंह ने ‘भारत टेक्स 2026’ के मंच से भारतीय कपड़ा उद्योग के भविष्य को लेकर एक अत्यंत सकारात्मक तस्वीर पेश की है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट को रिकॉर्ड ऊंचाई पर ले जाएगा, बल्कि देश में बड़े पैमाने पर नए निवेश के द्वार भी खोलेगा।
वैश्विक मंच पर भारत की धमक
गिरिराज सिंह ने बताया कि भारत टेक्स 2026 में 130 से अधिक देशों की भागीदारी और 60,000 से अधिक एग्जिबिटर्स का जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि दुनिया की नजरें अब भारतीय टेक्सटाइल इकोसिस्टम पर टिकी हैं। यह इवेंट अब खरीदारों, निवेशकों और मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक प्रमुख ग्लोबल हब के रूप में स्थापित हो चुका है।
FTAs का मिलेगा लाभ
मंत्री के अनुसार, भारत अपने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTAs) का चतुराई से उपयोग कर रहा है। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी और आसान पहुंच मिल रही है। यह रणनीति न केवल निर्यात को बढ़ावा दे रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत कर रही है।
MSMEs के लिए बड़ा अवसर
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लगभग 90 प्रतिशत प्रतिभागी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs) हैं। गिरिराज सिंह ने गर्व के साथ बताया कि आज देश के लगभग 550 जिलों के कारीगर और उद्यमी हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और गारमेंट एक्सपोर्ट में योगदान दे रहे हैं। ऐसे छोटे व्यवसायी, जिन्होंने पहले कभी निर्यात के बारे में सोचा भी नहीं था, अब वे वैश्विक बाजार में कदम रख रहे हैं।
रोजगार सृजन और निवेश
टेक्सटाइल सेक्टर रोजगार के मामले में भी गेम-चेंजर साबित हो रहा है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि गारमेंट सेक्टर में मात्र 1 करोड़ रुपये के निवेश से 50 से 60 लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने बिहार जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के इंडस्ट्रियल पार्क और नई नीतियां अब टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग के लिए नए हॉटस्पॉट बन रहे हैं।
इसके अलावा, भारत अब टेक्निकल टेक्सटाइल और FIBCs जैसे उत्पादों में भी आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ताइवान की एक कंपनी द्वारा भारत में सिलाई मशीनों का निर्माण शुरू करना विदेशी निवेशकों का भारत पर बढ़ता भरोसा दिखाता है। यह बदलाव निश्चित रूप से भारत को दुनिया का ‘टेक्सटाइल पावरहाउस’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।









