
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद से दिल्ली के लिए चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर भारतीय रेलवे के एक नए युग का आगाज किया। यह ट्रेन कई मायनों में बेहद खास है और इसे लेकर लोगों के मन में ढेरों सवाल हैं। आइए, अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQ) के जरिए आपको बताते हैं इस ऐतिहासिक ट्रेन की पूरी डिटेल।
किस रूट पर चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन?
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर दौड़ेगी। 89 किलोमीटर का यह रेलमार्ग उत्तरी रेलवे के दिल्ली डिवीजन के अंतर्गत आता है।

कितने स्टेशनों पर रुकेगी यह ट्रेन?
जींद से सोनीपत की अपनी यात्रा के दौरान यह ट्रेन कुल 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनके नाम इस प्रकार हैं—जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भांबेवा, ईशापुर खेरी, बुटाना, खंदराय, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहना और बड़वासनी।
कितनी होगी ट्रेन की रफ्तार?
यह हाइड्रोजन ट्रेन 75 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ेगी। इसमें कुल 10 कोच होंगे, जिनमें दो ड्राइविंग पावर कोच और 8 यात्री कोच शामिल हैं। प्रत्येक ड्राइविंग पावर कार की क्षमता 1200 किलोवाट होगी। लॉन्च होने के बाद यह दुनिया का सबसे लंबा हाइड्रोजन ट्रेनसेट और ब्रॉडगेज पर चलने वाला सबसे पावरफुल हाइड्रोजन ट्रेन बन गई है।









