
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के भारी प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्री का पद संभाल लिया है। इस प्रदर्शन में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अहम भूमिका निभाई। सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके प्रदर्शन में सबसे आगे नजर आए।
अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके ने ‘एएनआई’ से बातचीत में प्रदर्शन के दौरान परिवार की स्थिति और अभिजीत से हुई बातचीत का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि अभिजीत ने उन्हें बार-बार फोन करने से मना किया था।
भगवानराव दीपके ने कहा, “जब प्रदर्शन हो रहा था तो पूरा परिवार तनाव में था। 20 जुलाई के बाद काफी ज्यादा टेंशन बढ़ गई थी। मैंने सोचा कि एक बार दिल्ली जाऊं और अभिजीत को घर ले आऊं, लेकिन उसने मुझे वहां जाने से मना कर दिया। अभिजीत ने यह भी कहा कि मुझे बार-बार फोन मत करो, अब मैं सिर्फ आपका बेटा नहीं हूं, पूरे देश का बेटा हूं।”
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह अच्छा कदम रहा क्योंकि जो बच्चे उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे, उनमें काफी गुस्सा था। बच्चों के माता-पिता भी नाराज थे। उन्होंने कहा कि शुरुआत में प्रदर्शन सिर्फ जंतर-मंतर तक सीमित था, लेकिन 20 तारीख के बाद यह पूरे भारत में फैल गया। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देकर बच्चों को खुश कर दिया।
प्रह्लाद जोशी ने संभाला शिक्षा मंत्रालय का पद
गौरतलब है कि नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पदभार संभाल लिया है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। धर्मेंद्र प्रधान के शनिवार को इस्तीफा देने के बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह पहले से उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं।









