
पेपर लीक विरोध प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक बार फिर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी का आरोप है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के वादे से सरकार अब पीछे हट रही है। CJP का कहना है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है।
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई जारी रही और FIR वापस नहीं ली गईं तो संगठन दोबारा देशभर में आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों ने पुलिस कार्रवाई का सामना किया था, इसके बावजूद उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर उठे सवाल
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने पहले भरोसा दिलाया था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नए मामले दर्ज नहीं किए जाएंगे और पुराने मुकदमे भी वापस लिए जाएंगे। लेकिन अब सरकार मामले के अदालत में लंबित होने का हवाला दे रही है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में FIR वापस लेने पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। संगठन का आरोप है कि अदालत के निर्देशों की गलत व्याख्या कर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जा रही है।
कई राज्यों में कार्रवाई का दावा
CJP ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गोवा समेत कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा रहा है। पार्टी के मुताबिक, कई छात्रों को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने दोहराया कि उसकी मांग शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा देने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने की है। CJP ने कहा कि अगर सरकार ने अपने आश्वासन पूरे नहीं किए तो देशव्यापी आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
37 दिन चले आंदोलन के बाद मिला था आश्वासन
पार्टी ने बताया कि सरकार के आश्वासन के बाद उसका 37 दिनों तक चला आंदोलन समाप्त हुआ था। संगठन का दावा है कि उस समय छात्रों पर कार्रवाई रोकने और पेपर लीक विवाद से प्रभावित परिवारों की मदद का भरोसा दिया गया था।









