
डेस्क : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साइप्रस के गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म ‘Parimatch’ से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को एजेंसी ने महाराष्ट्र, दिल्ली-NCR, राजस्थान और गुजरात में कुल 12 जगहों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस तलाशी अभियान में पेमेंट कंपनियां, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कंपनी सेक्रेटरी और पेमेंट गेटवे शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी ओवरसीज डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (ODI) और हवाला के जरिए अवैध कमाई को देश से बाहर भेजने में मदद की थी।
इससे पहले भी 26 मई को फेडरल एजेंसी ने इसी मामले के तहत देश के कई राज्यों में 17 जगहों पर PMLA के तहत सर्च ऑपरेशन चलाया था। उस दौरान लगभग 1.56 करोड़ रुपये की संपत्ति और 1.2 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए थे, जबकि 3.8 करोड़ रुपये के बैंक खाते फ्रीज किए गए थे। मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई इस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस प्लेटफॉर्म ने निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का लालच देकर एक साल के भीतर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी।
जांच में सामने आया है कि Parimatch और उसके साथियों ने यूजर के फंड को छिपाने के लिए ‘म्यूल अकाउंट’, पेमेंट बिचौलियों और जटिल फाइनेंशियल चैनलों का जाल बिछाया था। सॉफ्टवेयर और फिनटेक कंपनियों के नाम पर खोले गए करंट अकाउंट्स के जरिए यूजर के डिपॉजिट और विड्रॉल को मैनेज किया जाता था। इसके अलावा, हवाला चैनलों के माध्यम से अवैध रूप से कमाए गए कैश को भारत के बाहर भेजा गया। प्लेटफॉर्म ने भारत के 15 से अधिक राज्यों में लोकल क्रिकेट लीग और विज्ञापनों के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाई थी, जिसकी अब ED द्वारा गहराई से जांच की जा रही है।









