
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश की प्रमुख नदियां—गंगा, गोमती, सरयू और मंदाकिनी—विकराल रूप धारण कर उफान पर हैं। भारी बारिश के चलते कई जनपदों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम आंकड़ों के अनुसार, प्रतापगढ़ में सर्वाधिक 147 मिमी और सोनभद्र में 140 मिमी बारिश दर्ज की गई है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से साढ़े चार मीटर ऊपर बह रही है, जिससे प्रसिद्ध रामघाट क्षेत्र एक बार फिर जलमग्न हो गया है। अवध क्षेत्र के बहराइच, गोंडा, सीतापुर और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है। अयोध्या के रामघाट पर जलस्तर बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार तक करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्वांचल के सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर में जलस्तर नियंत्रित करने के लिए बांधों के गेट खोल दिए गए हैं। बलिया में गंगा का पानी 50 से अधिक रिहाइशी घरों में प्रवेश कर चुका है, वहीं चंदौली के करीब 60 गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। गाजीपुर में भी बाढ़ का पानी चार प्रमुख सड़कों पर आ गया है।
बारिश के कारण हुए हादसों में सीतापुर, अमेठी और रायबरेली में कच्ची दीवार व मकान ढहने से 4 लोगों की दुखद मौत हो गई है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने बांदा, चित्रकूट, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ और आगरा सहित दर्जनों जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।









