
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के चर्चित क्षेत्राधिकारी (CO) जियाउल हक हत्याकांड मामले में कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ को लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने इस मामले में सीबीआई द्वारा दाखिल की गई फाइनल क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने राजा भैया के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई चलाने की मांग को खारिज कर दिया, जिससे इस मामले में उनके खिलाफ जारी सभी कार्यवाहियां अब समाप्त हो गई हैं।
बता दें, यह मामला 2 मार्च 2013 का है, जब प्रतापगढ़ के कुंडा स्थित बलीपुर गांव में ग्राम प्रधान नन्हे यादव की हत्या के बाद भारी बवाल हो गया था। सूचना पर मौके पर पहुंचे तत्कालीन सीओ जियाउल हक की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर और गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने राजा भैया समेत कई लोगों पर साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने इस मामले की नए सिरे से दोबारा गहन जांच की थी। हालांकि, दोबारा हुई जांच में भी सीबीआई को राजा भैया के खिलाफ अभियोजन चलाने या साजिश में शामिल होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके आधार पर एजेंसी ने उन्हें आरोपी न बनाते हुए क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी। अब स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने इसी रिपोर्ट को अंतिम मानते हुए मुहर लगा दी है।









