
खेल डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने अपने कोचिंग कार्यकाल के उस फैसले का खुलासा किया है, जिसे लेना उनके लिए सबसे मुश्किल रहा। गंभीर के मुताबिक, इंग्लैंड दौरे के दौरान टीम चयन को लेकर वह एक रात ठीक से सो भी नहीं पाए थे। यह मामला युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने और अनुभवी संजू सैमसन को बाहर रखने से जुड़ा था।
बता दे कि इंग्लैंड दौरे पर भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली थी। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में डेब्यू का मौका मिला। गंभीर ने बताया कि संजू सैमसन को टीम से बाहर करने का फैसला उनके लिए बेहद कठिन था, क्योंकि सैमसन टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे और नॉकआउट मुकाबलों में उनके बल्ले से अहम पारियां निकली थीं।
वही गौतम गंभीर ने कहा कि अपने दो साल के सफर में यह पहली ऐसी रात थी, जब वह सो नहीं सके। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस फैसले के बारे में संजू सैमसन से भी बात की थी। गंभीर के अनुसार, टी20 फॉर्मेट में कोचिंग के दौरान यह उनके लिए सबसे कठिन फैसलों में से एक था।
गंभीर ने आगे कहा कि वैभव सूर्यवंशी उस समय शानदार फॉर्म में थे और टीम को रन बनाने वाले बल्लेबाज की जरूरत थी। इसी वजह से उन्हें संजू सैमसन को बाहर रखने का फैसला लेना पड़ा। गंभीर के मुताबिक, उन्होंने सैमसन से पूरी ईमानदारी के साथ इस फैसले पर बात की और उन्हें वैभव की फॉर्म के कारण लिए गए इस निर्णय के बारे में बताया। गंभीर ने कहा कि दोनों के बीच यह बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई थी।









