
Bijnor News: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नवजात बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, नगीना क्षेत्र में 15 दिन के बच्चे को उसके माता-पिता से 2 लाख रुपये में लिया गया और बाद में हरिद्वार के एक निसंतान दंपती को 5 लाख रुपये में बेच दिया गया। करीब 14 महीने बाद पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में बच्चे के माता-पिता समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
आर्थिक तंगी में बच्चे को देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, नगीना क्षेत्र के नैनपुरा गांव निवासी शबनम और फरमान के पहले से चार बच्चे थे। अगस्त 2025 में शबनम ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, जिनमें एक बेटा और एक बेटी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आर्थिक परेशानी के चलते दंपती ने करीब 15 दिन के बेटे को दूसरे लोगों को देने का फैसला किया।
पुलिस का कहना है कि 28 अगस्त 2025 को दाई शफीकन के माध्यम से बच्चे को जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर और अन्य लोगों को 2 लाख रुपये में दिया गया।
2 लाख में लेकर 5 लाख में बेचने का पुलिस का दावा
जांच के मुताबिक, बच्चे को बाद में हरिद्वार के निसंतान दंपती प्रीतम सैनी और सलोचना को 5 लाख रुपये में दे दिया गया। पुलिस के अनुसार, रकम का लेनदेन नगीना के रौनक अस्पताल में हुआ, जबकि बच्चे को पीयूष अस्पताल में खरीदार दंपती के हवाले किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 5 लाख रुपये मिलने के बाद रकम को आरोपियों के बीच बांटा गया। बाद में बच्चे के माता-पिता को जब पता चला कि उनका बेटा अधिक रकम में बेचा गया है तो उन्होंने शिकायत की बात कही। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर 1.5 लाख रुपये अतिरिक्त दिए गए।
शिकायत के बाद सामने आया पूरा मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चे के मामा ताजुद्दीन ने 28 सितंबर 2026 को नगीना थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और बच्चे की तलाश के लिए कार्रवाई तेज की। पुलिस ने बच्चे को बरामद करने के साथ मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में बच्चे के पिता फरमान, मां शबनम, दाई शफीकन, जितेंद्र कुमार उर्फ विक्की, कपिल उर्फ राजवीर और हरिद्वार निवासी सलोचना शामिल हैं। एक महिला के भी मामले में शामिल होने की बात सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी अभी बाकी बताई गई है।
पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
बिजनौर पुलिस के मुताबिक, बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया है और मामले की आगे जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले भी किसी बच्चे की खरीद-फरोख्त की थी या नहीं। साथ ही इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और संबंधित स्थानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।









