Trump का आदेश और Elon Musk ने AI को कहा अलविदा! SpaceXAI का नाम बदला

स्पेसएक्स और टेस्ला के CEO एलन मस्क ने अपनी कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्म SpaceXAI का नाम बदलकर SpaceXSI करने की ...

Elon Musk SpaceXAI: स्पेसएक्स और टेस्ला के CEO एलन मस्क ने अपनी कंपनी के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आर्म SpaceXAI का नाम बदलकर SpaceXSI करने की पुष्टि की है। यह बदलाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश के बाद सामने आया है, जिसमें अमेरिकी कार्यपालिका में “Artificial Intelligence” यानी AI की जगह “Super Intelligence” यानी SI शब्द के इस्तेमाल का निर्देश दिया गया है।

Musk ने पोस्ट कर दी नाम बदलने की पुष्टि

एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर के सवाल के जवाब में SpaceXAI का नाम बदलने की पुष्टि की। यूजर ने पूछा था कि क्या इसे SpaceXSI नाम दिया जा सकता है। इसके जवाब में मस्क ने कहा, “Yes, we will make that change.”

इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में मस्क ने लिखा, “No more AI. SI, it’s better.”

Trump के Executive Order के बाद आया फैसला

यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 29 सितंबर को जारी किए गए कार्यकारी आदेश के बाद आया है। आदेश का शीर्षक “Inaugurating the Era of Super Intelligence” है।

इस आदेश के तहत अमेरिकी कार्यपालिका के विभागों और एजेंसियों को आधिकारिक पत्राचार, सार्वजनिक संचार, नीति दस्तावेजों और गैर-सांविधिक दस्तावेजों में “Super Intelligence” और “SI” शब्दों का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

White House ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस की ओर से जारी फैक्ट शीट के मुताबिक, इस आदेश का उद्देश्य तेजी से आगे बढ़ रही तकनीकी सीमा और अमेरिकी नागरिकों के लिए इसकी संभावनाओं को पहचानना है।

आदेश में राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहायक को “Super Intelligence” और “SI” की एक संघीय परिभाषा प्रस्तावित करने का निर्देश भी दिया गया है। इसके साथ ही प्रस्तावित परिभाषा को लागू करने के लिए जरूरी अतिरिक्त कार्यकारी कदमों की पहचान करने को कहा गया है।

Super Intelligence पर पहले भी बोल चुके हैं Musk

एलन मस्क पहले भी Superintelligence को लेकर अपनी राय जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने निक बोस्ट्रॉम की 2014 की किताब “Superintelligence: Paths, Dangers, Strategies” का समर्थन और इसमें योगदान किया था। इस किताब में अनियंत्रित सुपरइंटेलिजेंस से जुड़े संभावित जोखिमों पर चर्चा की गई है।

मस्क पहले कह चुके हैं कि इस तरह की तकनीक परमाणु हथियारों से भी बड़ा खतरा पैदा कर सकती है।

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