
बिहार की राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक गलियारों में उस समय बड़ा भूचाल आ गया, जब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर एक विवादित और अशोभनीय टिप्पणी कर दी। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित इस समारोह में संबोधन के दौरान एक युवक से हुई बहस के बाद खरगे आपा खो बैठे और उन्होंने मंच से ही तीखे अपशब्द कह डाले, जिससे पूरे सभागार में हंगामा खड़ा हो गया।
बता दें, इस बयान के सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस और खरगे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार मिल रही चुनावी हार की हताशा में कांग्रेस पार्टी अपनी सभी राजनीतिक मर्यादाएं तार-तार कर चुकी है। अमित शाह ने कहा, “कांग्रेस के पास अब न कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा, पार्टी केवल गाली-गलौज की राजनीति पर उतर आई है।”
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कृत्य को अक्षम्य और घोर निंदनीय बताते हुए कहा कि यह देश के 145 करोड़ नागरिकों की भावनाओं का अपमान है। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस को अविलंब अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई करते हुए पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इसे कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन का प्रतीक करार दिया।
घटनाक्रम के अनुसार, मंच से भाषण के दौरान एक युवक ने पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके जवाब में खरगे ने गुस्से में आकर यह आपत्तिजनक बयान दिया। घटना के बाद सभागार में मौजूद लोगों के बीच तीखी हाथापाई और नारेबाजी भी हुई। इस विवादित बयान के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी का दौर तेज हो गया है।









