
नोएडा: साइबर ठगों ने नोएडा में ठगी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। जालसाजों ने सफदरजंग अस्पताल के पूर्व निदेशक और 83 वर्षीय रिटायर्ड डॉक्टर को अपना निशाना बनाया। ठगों ने उन्हें सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखकर करीब 49 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने खुद को IB और CBI अधिकारी बताकर डॉक्टर को डराया और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाकर उनसे पैसे ट्रांसफर करा लिए।
फर्जी कोर्ट में वीडियो कॉल के जरिए कराई पेशी
जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने डॉक्टर को विश्वास में लेने के लिए फर्जी CBI अधिकारी बनकर संपर्क किया। इसके बाद उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए फर्जी कोर्ट में पेशी भी कराई और फर्जी CBI लेटर भेजकर उन पर दबाव बनाया।
आरोपियों ने डॉक्टर को लगातार सात दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उन्हें डराकर RTGS के जरिए अलग-अलग खातों में 49 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।
कैंसर पीड़ित पत्नी को भी कैमरे के सामने रखा
ठगी के दौरान आरोपियों ने डॉक्टर की कैंसर पीड़ित पत्नी को भी कैमरे के सामने रखा। ठगों ने इस दौरान डॉक्टर पर लगातार निगरानी बनाए रखी। डॉक्टर की तीनों बेटियां अमेरिका में डॉक्टर हैं।
बेटी के फोन से खुला साइबर ठगी का राज
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब डॉक्टर की बेटी के फोन के जरिए ठगी का राज सामने आया। इसके बाद डॉ. वीएच तालिब ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई और FIR दर्ज कराई।
बता दें कि डॉ. वीएच तालिब करीब 30 साल तक सफदरजंग अस्पताल में सेवाएं दे चुके हैं और अस्पताल के निदेशक पद पर भी रहे हैं। अब साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस जांच में जुटी है।









