ब्रिटिश तेल टैंकर के लिए भारतीय नौसेना बना फरिश्ता, हूती हमले के बाद एक्शन में नेवी

दूसरी तरफ हूतियों ने उसी दिन ब्रिटिश तेल टैंकर, मार्लिन लुआंडा पर मिसाइल हमला किया। बता दें इस तेल टैंकर पर पोत चालाक के साथ 22 भारतीय भी मौजूद थें।

समुद्री क्षेत्रों में आये दिन बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत लगातार अपनी नौसैनिक ताकतों को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। इस बीच 26 जनवरी को हूती विद्रोहियों की ओर से एक कायराना हरकत देखने को मिला। जहाँ एक तरफ पूरा देश गणतंत्र दिवस के जश्न में डूबा था तो वहीँ दूसरी तरफ हूतियों ने उसी दिन ब्रिटिश तेल टैंकर, मार्लिन लुआंडा पर मिसाइल हमला किया। बता दें इस तेल टैंकर पर पोत चालाक के साथ 22 भारतीय भी मौजूद थें। मिसाइल से किए गए हमले के बाद पोत पर आग लग गई थी। जहाज की तरफ से SOS सिग्नल मिलते ही भारतीय नौसेना भी एक्टिव हो गया और मदद के लिए अग्निशमन प्रयासों में सहायता के लिए जुट गया।

INS विशाखापत्तनम ने दिया जवाब
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए नौसेना ने बताया कि 26 जनवरी की रात में ऑयल टैंकर से डिस्ट्रेस कॉल मिलते ही अदन की खाड़ी में मौजूद हमारे गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉय INS विशाखापत्तनम ने तत्काल प्रभाव से जवाब दिया और घटनास्थल की तरफ रवाना हो गया। लुआंडा के चालक दल के साथ भारतीय नौसेना के अग्निशमन दल ने करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगी आग पर काबू पा लिया। इस जहाज पर यह हमला कथित तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने किया। ऐसे में यह हमला लाल सागर के साथ-साथ अदन की खाड़ी में सुरक्षा स्थिति को लेकर बहुत बड़े चिंता का विषय है। बता दें, इस जहाज का संचालन ब्रिटेन की कंपनी ओसियोनिक्स सर्विसेज द्वारा किया जा रहा था।

पहले भी कर चूका है हमला
बता दें ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब हूती आतंकियों ने किसी ऐसे मालवाहक पोत पर हमला किया है जिसमें भारतीय सवार थे। 24 दिसंबर, 2023 को लाल सागर में इन्हीं ईरान समर्थक विद्रोहियों द्वारा दागे गए ड्रोन से 25 भारतीयों को ले जा रहा एक तेल टैंकर ध्वस्त हो गया था। जानकारी के तहत इस समूह ने पिछले नवंबर से तेल टैंकरों पर हमला करना शुरू किया है। अपने इस हमले के पीछे उसने फिलिस्तीन में इजरायल की हो रही सैन्य कार्रवाई को कारण बताया है।

Related Articles

Back to top button