KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचे अखिलेश यादव,सरकार पर साधा निशाना,कहा- ‘लगता है सरकार है ही नहीं,पीड़ितों को मिले 1-1 करोड़ का मुआवजा’

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद सूबे की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। यहाँ उन्होंने अग्निकांड में घायल हुए मरीजों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से उनके इलाज की जानकारी ली। घायलों से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बात करते हुए सरकार की व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार को लेकर बेहद तीखे हमले किए।

‘अग्निकांड में 15 लोगों ने गंवाई जान, सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां’
अखिलेश यादव ने हादसे की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि इस भीषण अग्निकांड में अब तक 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, जो बेहद दुखद और विचलित करने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी घटना में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) का पालन बिल्कुल नहीं कराया गया, जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा हुआ। सरकार पर तंज कसते हुए सपा मुखिया ने कहा, “मौजूदा हालात को देखकर तो ऐसा लग रहा है जैसे उत्तर प्रदेश में सरकार है ही नहीं।”

भ्रष्टाचार, फायर NOC और नक्शों की जांच की मांग
सपा अध्यक्ष ने प्रशासनिक लापरवाही को लेकर बड़े अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और जांच के दायरे पर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निम्नलिखित मुख्य मांगें और आरोप सामने रखे:

अधिकारियों को बचाने का आरोप: अखिलेश यादव ने पूछा कि आखिर इतने बड़े हादसे के बाद भी सरकार बड़े अधिकारियों को क्यों बचा रही है? उन पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?

फायर NOC की जांच: उन्होंने मांग की कि बिल्डिंग को दी गई फायर एनओसी (Fire NOC) की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।

पास नक्शों की स्क्रूटनी: सरकार के कार्यकाल के दौरान जितने भी बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के नक्शे पास हुए हैं, उन सभी की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

छापेमारी पर तंज: उन्होंने कहा कि सरकार में छापेमारी सिर्फ भ्रष्टाचार करने और अपनी जेब भरने का एक और मौका बनकर रह गई है।

‘पीड़ितों को मिले 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा’
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रभावित परिवारों और पीड़ितों की हर संभव मदद करना पूरी तरह से सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस हादसे में जान गंवाने वाले और गंभीर रूप से झुलसे पीड़ितों के परिवारों को सरकार 1-1 करोड़ रुपये का उचित मुआवजा दे, ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में आर्थिक संबल मिल सके।

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