IRC के 81वां अधिवेशन का CM ने किया उद्धाटन, बोले- कम लागत में अच्छी सड़कें देना प्राथमिकता

इस अधिवेशन में 19 तकनीकी सत्र होंगे. इन सत्रों में जिनमें देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, केंद्र व प्रदेश के अभियंता, सड़क व सेतु से जुड़ी संस्था, वैज्ञानिक व सलाहकार सड़क व सेतु निर्माण की नई तकनीकों पर प्रस्तुति देंगे. इस दौरान देश तथा प्रदेश में अच्छी, किफायती, टिकाऊ व सुरक्षित सड़कों के निर्माण पर भी विचार विमर्श होगा.

Desk: आज भारतीय रोड कांग्रेस का चार दिवसीय 81वां अधिवेशन लखनऊ में शुरु हुआ. इसका उद्घाटन सीएम योगी ने किया. ये चौथी बार है जब यूपी इस भारतीय रोड कांग्रेस की मेजबानी कर रहा है. ये अधिवेशन आज से शुरु होकर 11 अक्टूबर तक चलोगा. इस अधिवेशन में देश तथा प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी को और बेहतर तथा सुदृढ़ करने के लिए देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रतिनिधि सड़क तथा सेतु निर्माण पर चर्चा की जाएगी. आपको बता दें कि आइआरसी का अधिवेशन वर्ष 1934 में शुरू हुआ था. इससे पहले उत्तर प्रदेश वर्ष 1937, 1985, 1995 व 2011 में आइआरसी के अधिवेशन की मेजबानी कर चुका है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केन्द्रीय केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी नें इस अधिवेशन का शुभारम्भ इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान से किया. इस कार्यक्रम में कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क, परिवहन व राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह भी मौजूद रहे. 11 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश प्रदेश की मेजबानी में होने वाले आयोजन में देश-विदेश के 1500 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लिया.

अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में सीएम ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम में सभी लोगों का स्वागत है. सीएम ने कहा कि यूपी बड़ा प्रदेश है इसलिए बड़ी चुनौती भी है. हालांकि देश और प्रदेश में कनेक्टिविटी तेजी से बढ़ी है. इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंटरस्टेट कनेक्टिविटी बेहतर की गई है. उन्होंने कहा कि यूपी में इंटरनेशनल स्तर के एक्सप्रेस-वे,हाईवे बने रहे है . कोरोना के दौरान भी हम रुके नहीं. समयसीमा के तहत निर्माण कार्य पूरे हुए. कम लागत में अच्छी सड़कें देना प्राथमिकता है. तकनीकी के उपयोग से लागत कम की है. इंफ्रास्ट्रक्चर को तकनीकी से जोड़ा जाए. नई सोच और परिस्थिति के अनुसार काम करना होगा.

गौर हो कि इस अधिवेशन में 19 तकनीकी सत्र होंगे. इन सत्रों में जिनमें देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, केंद्र व प्रदेश के अभियंता, सड़क व सेतु से जुड़ी संस्था, वैज्ञानिक व सलाहकार सड़क व सेतु निर्माण की नई तकनीकों पर प्रस्तुति देंगे. इस दौरान देश तथा प्रदेश में अच्छी, किफायती, टिकाऊ व सुरक्षित सड़कों के निर्माण पर भी विचार विमर्श होगा.

Related Articles

Back to top button