
भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार की ओर से उज्जैन में की गई जमीन खरीद को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। इंडियन एक्सप्रेस की जांच रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 के बीच मुख्यमंत्री के परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने उज्जैन में करीब 253 एकड़ जमीन और 245 प्लॉट खरीदे हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद दिसंबर 2023 से वर्ष 2025 तक परिवार ने लगभग 137 प्लॉट और 168 एकड़ जमीन करीब 45 करोड़ रुपये में खरीदी। इससे पहले 2021 से 2023 के बीच 57 प्लॉट और 85 एकड़ भूमि लगभग 30 करोड़ रुपये में खरीदी गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, खरीदी गई कई जमीनें उन इलाकों के आसपास स्थित हैं जहां नई सड़क परियोजनाएं, हाईवे अपग्रेडेशन, मास्टर प्लान के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन (Land Use Change) और रिहायशी विकास परियोजनाएं प्रस्तावित या संचालित हैं। तेजी से हो रहे शहरी विकास के कारण उज्जैन का रियल एस्टेट बाजार पिछले कुछ वर्षों में काफी सक्रिय हुआ है।
जांच रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर दर्ज जमीनों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें पत्नी, पुत्रवधू, भाई, भाभी, भतीजे और चचेरे भाइयों के नाम शामिल बताए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार परिवार की कुल होल्डिंग 335 एकड़ तक पहुंचती है, जिसमें खरीदी गई और पहले से मौजूद संपत्तियां शामिल हैं।
हालांकि राज्य सरकार के अधिकारियों ने इन आरोपों को मुख्यमंत्री से जोड़ने को भ्रामक बताया है। अधिकारियों का कहना है कि मोहन यादव का परिवार लंबे समय से रियल एस्टेट कारोबार से जुड़ा हुआ है और संपत्ति खरीद-बिक्री उनकी पुरानी व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा रही है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विपक्ष जहां मामले में पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं सरकार इसे सामान्य व्यावसायिक लेन-देन बता रही है।









