
राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक होटल में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को दहला कर रख दिया है। आग लगने की इस भयावह घटना में कुल 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जिनमें से 17 विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। शुरुआती जांच में होटल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने होटल के मालिक लोकेश बजाज के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया है। हादसे के बाद से ही होटल मालिक लोकेश बजाज फरार है और पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली के विभिन्न इलाकों और संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों और दमकल विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, होटल में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और इमरजेंसी निकास द्वार भी पूरी तरह से बंद थे, जिसकी वजह से विदेशी सैलानी अंदर ही फंस गए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने में कई घंटों का समय लगा। मृतकों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है और उनके संबंधित देशों के दूतावासों को भी इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।
दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इस अग्निकांड के लिए जो भी जिम्मेदार है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। होटल में आग किन परिस्थितियों में लगी और अग्निशमन विभाग से जुड़े नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ, इसकी जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। यह हादसा दिल्ली के होटलों में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है।









