
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार के इन फैसलों से बिहार समेत देश के चार अन्य राज्यों में कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार में मुजफ्फरपुर-सोनबरसा हाईवे का चौड़ीकरण
कैबिनेट ने बिहार को एक बड़ी सौगात देते हुए मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा खंड (NH-22) को 4-लेन के मानक में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल लंबाई लगभग 82.58 किलोमीटर है, जिस पर 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस सड़क का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और नेपाल बॉर्डर तक माल एवं यात्रियों का आवागमन सुगम हो जाएगा।
रेलवे नेटवर्क को 410 किमी का बूस्ट
इसके साथ ही, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के 8 जिलों को कवर करने वाले 4 मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दिखा दी है। इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 9,450 करोड़ रुपये है। इन प्रोजेक्ट्स के जरिए भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी, जिससे माल ढुलाई में आ रही बाधाएं दूर होंगी और ट्रेनों की आवाजाही अधिक तेज हो सकेगी। इन सभी रेल परियोजनाओं को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।









