वाराणसी में सरकारी नौकरी के लिए दादी को दिया जहर, इलाज के बाद बची जान, पति-पत्नी गिरफ्तार

वाराणसी : उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में फोर्थ ग्रेड की महिला कर्मचारी को जान से मारने की कोशिश की गई है। इस घटना को किसी और ने नहीं, बल्कि खुद इस महिला की पोती ने ही मृतक के आश्रित के तौर पर उसकी नौकरी छीनकर अंजाम दिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, लोहता थाना क्षेत्र के गोपालपुर की रहने वाली 56 साल की पानपति देवी इंटरनेशनल राइस रिसर्च इंस्टीट्यूट (IRI) में क्लास IV कर्मचारी हैं। उनकी नौकरी में अभी चार साल बाकी हैं। पति की मौत के बाद उन्हें मृतक आश्रित कोटे से नौकरी मिली थी। अब उनकी तरह उनकी पोती रवीना भी मृतक आश्रित की नौकरी करना चाहती थी। पिछले दिनों पानपति देवी ने अपनी इस बेटी की शादी भी रवीना से कर दी थी।

दादी की सरकारी नौकरी करना चाहता था

पुलिस के मुताबिक, शादी के बाद रवीना अपने पति मोनू के साथ मलदहिया में रहने लगी। लेकिन उसकी बुरी नज़र दादी की नौकरी पर थी। इसलिए वह अक्सर अपनी दादी से मिलने के बहाने गोपालपुर में अपनी मां के पास आती थी। इसी बीच सरकारी नौकरी के लालच में ईशा ने अपने पति मोनू के साथ मिलकर एक साजिश रची। इसी साजिश के तहत दोनों 19 जून को गोपालपुर पहुंचे। जहां रात में खाने की थाली में रवीना ने चुपके से कुछ ज़हरीला खाना मिलाकर दादी पानपति को दे दिया।

हालत बिगड़ने पर दोनों फरार

खाना खाते ही दादी की हालत बिगड़ गई। यह देखकर रवीना और उसका पति मोनू दोनों फरार हो गए। पड़ोसियों ने पानपति देवी को बेहोश पाया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। कई दिनों के इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी जान बचाई। अस्पताल से ठीक होकर घर लौटने के बाद पानपति देवी ने अपनी पोती रवीना और उसके पति मोनू कुमार के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। लोहता थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय के मुताबिक, तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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