
हिमाचल प्रदेश का सोलन जिला इन दिनों अपनी खूबसूरती नहीं बल्कि आर्थिक ताकत की वजह से चर्चा में है। इकोनॉमिक सर्वे 2024-25 के अनुसार, प्रति व्यक्ति जीडीपी के मामले में सोलन देश का पांचवां सबसे अमीर जिला बन गया है।
सोलन की प्रति व्यक्ति आय करीब 8.10 लाख रुपये पहुंच गई है, जो हिमाचल प्रदेश की औसत प्रति व्यक्ति आय 2.83 लाख रुपये से लगभग तीन गुना अधिक है।
देश के सबसे अमीर जिलों में शामिल सोलन
प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तेलंगाना का रंगारेड्डी जिला 11.46 लाख रुपये के साथ पहले स्थान पर है। वहीं हरियाणा का गुरुग्राम 9.05 लाख रुपये की आय के साथ दूसरे नंबर पर है।
इसके बाद बेंगलुरु अर्बन की प्रति व्यक्ति आय 8.93 लाख रुपये और गौतम बुद्ध नगर की 8.48 लाख रुपये है। इस सूची में सोलन ने पांचवें स्थान पर जगह बनाई है।
BBN औद्योगिक क्लस्टर ने बदली सोलन की तस्वीर
रिपोर्ट के मुताबिक, सोलन की आर्थिक मजबूती का सबसे बड़ा कारण बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) औद्योगिक क्षेत्र है। हिमाचल प्रदेश का 90 फीसदी से ज्यादा उद्योग इसी क्लस्टर में केंद्रित है।
BBN एशिया के बड़े फार्मास्युटिकल हब में शामिल है, जहां करीब 350 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स काम कर रही हैं। यहां देश में इस्तेमाल होने वाली हर तीसरी दवा के निर्माण का दावा किया जाता है।
लाखों लोगों को रोजगार, हजारों करोड़ का कारोबार
सोलन के औद्योगिक क्षेत्र में करीब तीन लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इसके अलावा BBN क्षेत्र में करीब 10 हजार वाहनों वाला बड़ा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क भी मौजूद है।
औद्योगिक क्लस्टर राज्य के जीएसटी में लगभग 29 फीसदी योगदान देता है और हिमाचल की कुल बिजली खपत का करीब 45 फीसदी इस्तेमाल करता है।
एक लाख करोड़ रुपये के टर्नओवर वाला औद्योगिक क्षेत्र
बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ औद्योगिक क्लस्टर में करीब 2,406 उद्योग हैं, जिनमें 2,165 MSME इकाइयां शामिल हैं। इन उद्योगों का सालाना टर्नओवर करीब एक लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र से हर साल लगभग 18 हजार करोड़ रुपये का निर्यात भी किया जाता है। यही औद्योगिक ताकत सोलन को देश के सबसे समृद्ध जिलों की सूची में पहुंचाने की बड़ी वजह बनी है।









