
लखनऊ : डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज कराने आए विधान परिषद सदस्य ने डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया, शिकायत के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटना को गंभीर से लिया, वहीं संस्थान प्रशासन को सदन में तलब किया, डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, संस्थान प्रशासन ने डॉक्टर को बर्खास्त कर दिया है. इसके साथ ही इमरजेंसी ईएमओ को चेतावनी दी गई है.
डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में चिकित्सक द्वारा मा० जन प्रतिनिधि के साथ किये गए अभद्र व्यवहार का संज्ञान होने पर मेरे द्वारा दिये गए आदेश के क्रम में संस्थान के प्रशासन द्वारा उक्त दोषी चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है तथा एक चिकित्सक को…
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) August 10, 2023
बुधवार की रात करीब 10:30 बजे एक विधान परिषद सदस्य की तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उनका चालक उन्हें लेकर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में पहुंचा. जहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक पर अभद्रता का आरोप लगाया गया. विधान परिषद सदस्य की शिकायत का डिप्टी सीएम ने संज्ञान लिया. उन्होंने संस्थान प्रशासन को तलब किया. प्रकरण की जांच के आदेश दिए. आनन-फानन संस्थान प्रशासन ने जांच कराई गई.जांच में डॉक्टर दोषी पाए गए. डिप्टी सीएम के आदेश के बाद डॉक्टर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया. साथ ही इमरजेंसी के ईएमओ को चेतावनी दी गई.
कठोर कार्रवाई होगी
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सदन में कहा कि जनप्रतिनिधियों, जनसामान्य रोगी एवं उनके परिवार से अभद्रता करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसे किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यदि ऐसा कोई भी प्रकरण संज्ञान में आयेगा तो स्वास्थ्य विभाग एवं सरकार की तरफ से दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी .
अस्पतालों में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी
डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी प्रमुख अस्पताल, संस्थानों में जनप्रतिनिधिगण, सांसदगण, विधायकगण, विधान परिषद सदस्यगण के लिए हेल्प डेस्क बनाई जाएगी ताकि इलाज में किसी की असुविधा से बचाया जा सके. हेल्प डेस्क का संचालन 24 घंटे होगा. फिलहाल यह व्यवस्था लखनऊ के प्रत्येक अस्पताल, चिकित्सा संस्थानों में एक अलग से वीआईपी काउन्टर की व्यवस्था की जाएगी. उक्त काउन्टर में जन संपर्क अधिकारी की तैनाती की जाएगी. यह भी निर्देश दिये गये हैं कि संबंधित संपर्क अधिकारी का नाम एवं उसका मोबाइल नम्बर भी उक्त काउंटर पर भी अंकित किया जाय ताकि जनप्रतिनिधियों द्वारा संपर्क करने पर तत्काल प्रभाव से उन्हें चिकित्सा संबंधी समस्त सेवायें समय एवं सुचारू रूप से उपलब्ध करायी जा सकें.









