
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास के भाषण में एक खास बात ने ध्यान खींचा और वो थी सिक्कों के लिए वेंडिंग मशीन की घोषणा। शक्तिकांत दास ने बताया कि उनकी क्यूआर कोड पर आधारित कॉइन वेंडिंग मशीन लगाने की योजना है, इसके लिए वह एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहे हैं।
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक क्यूआर कोड आधारित कॉइन वेंडिंग मशीन या क्यूसीवीएम लॉन्च करेगा। इन मशीनों को सबसे पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 12 शहरों में लगाया जाएगा। इन मशीनों से कोई भी ग्राहक अपने यूपीआई ऐप से उस पर क्यूआर कोड स्कैन करके सिक्के निकाल सकेगा और यह उसके बैंक खाते से डेबिट हो जाएगा, जैसे आप एटीएम से बैंक नोट निकालते हैं, उसी तरह आप सिक्के भी निकाल सकेंगे। यह से। इससे बाजार में सिक्कों की पहुंच और बढ़ेगी। इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के आधार पर आरबीआई फिर इन मशीनों के जरिए सिक्के बांटने की योजना पर आगे बढ़ेगा। इसको लेकर बैंकों को गाइडलाइंस भी जारी की जाएंगी।
देश की जीडीपी ग्रोथ को लेकर शक्तिकांत दास ने कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में भारत की वास्तविक विकास दर 6.4 फीसदी रहने का अनुमान है. दास के मुताबिक, अप्रैल-जून 2023 तिमाही में यह 7.8 फीसदी पर पहुंच जाएगी, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.1 फीसदी थी. इसके अलावा जुलाई-सितंबर में 6.2 फीसदी, अक्टूबर-दिसंबर में 6 फीसदी और जनवरी-मार्च 2024 में 5.9 फीसदी के मुकाबले 5.8 फीसदी की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान है. शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय रुपया अन्य एशियाई मुद्राओं की तुलना में अधिक स्थिर रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब कुछ महीने पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है, लेकिन कई देशों में मुद्रास्फीति अभी भी लक्ष्य सीमा से बाहर है।