
महराजगंज/सोनौली। जिले के सोनौली बॉर्डर पर एसएसबी द्वारा पकड़े गए संदिग्ध विदेशी नागरिक का पर्दाफाश हो गया है। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि खुद को अमेरिकी एजेंट बताने वाला यह शख्स असल में ब्रिटेन का रहने वाला है और करीब 14 देशों की पुलिस को चकमा दे चुका है।
कौन है यह शख्स?
पकड़े गए विदेशी की पहचान जॉर्डन जोसेफ पीटर फीटज पैट्रिक के रूप में हुई है, जो ब्रिटेन के न्यूनेटोन का रहने वाला है। उसने अमेरिका में फर्जी नाम से ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवा रखा था।

थाईलैंड में दुष्कर्म के एक मामले में सजा काटने के बाद वह वहां से फरार हो गया था। इसके बाद उसकी वतन वापसी करा रही पुलिस को चकमा देकर वह भाग निकला था।
कैसे पहुंचा भारत?
जॉर्डन दिल्ली में भी पकड़ा गया था, लेकिन वहां से फरार होकर सीधे भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली बॉर्डर तक पहुंच गया, जहां वह खुद को अमेरिकी एजेंट बताकर सुरक्षा एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा था। एसएसबी ने उसे सोनौली की पगडंडियों से संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा था। जांच में पता चला कि वह ड्रग्स तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में भी संलिप्त रहा है और उसके नाम-काम से लेकर सारे दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां उससे गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
रिपोर्ट- आशीष सोनी









