
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ से टैक्स फ्रॉड का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आयकर विभाग की भी नींद उड़ा दी। माधवपुरम क्षेत्र के इंद्रा नगर में महज 35 वर्ग मीटर के एक छोटे से घर में बैठकर 30 वर्षीय नैंसी अग्रवाल ने 357 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड महाघोटाला अंजाम दे डाला, जिसे अब तक के सबसे बड़े और सुनियोजित टैक्स रिफंड फ्रॉड में से एक माना जा रहा है।
कैसे हुआ पूरा खेल?
आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि नैंसी ने पिछले तीन वर्षों में आयकर अधिनियम की धारा 80GGC का बेहद व्यवस्थित तरीके से दुरुपयोग किया, जो राजनीतिक दलों को दिए गए चंदे पर टैक्स छूट का प्रावधान करती है। उसने देशभर के 3,000 से अधिक क्लाइंट्स को अपना निशाना बनाया और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को फर्जी डोनेशन दिखाकर कुल 65.5 करोड़ रुपये का अवैध रिफंड क्लाइंट्स को दिलवा दिया।
छापेमारी में क्या-क्या हुआ बरामद?
आयकर विभाग की टीम ने जब कार्रवाई की तो उसके हाथ बड़ा खजाना लगा। विभाग ने 50 लाख रुपये के आभूषण और 4 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट सीज कर दी, साथ ही बैंक लॉकर को भी सील कर नोटिस जारी कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले ने पूरे कर ढांचे को हिलाकर रख दिया है और एक अकेली महिला ने पूरे देश में फैला यह विशाल नेटवर्क खड़ा कर रखा था।









