
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) से उड़ान भरने वाली विदेशी एयरलाइंस ने टर्मिनल 1 (T1) के पुनर्विकास के दौरान 14 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए उड़ानों को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर शिफ्ट करने का समर्थन किया है। मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) के मुख्य एयरपोर्ट अधिकारी विष्णु मोहन झा ने नागरिक उड्डयन सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि एयरलाइंस ने ‘डेस्टिनेशन-बेस्ड’ व्यवस्था के तहत सेवाओं को स्थानांतरित करने की सिफारिश की है। इससे पहले भारतीय विमानन कंपनियां इंडिगो, एयर इंडिया समूह और अकासा एयर पहले ही इस व्यवस्था पर अपनी सहमति जता चुकी हैं।
IATA समर शेड्यूल के तहत 28 मार्च 2027 से CSMIA 14 अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए अपने स्लॉट अस्थायी रूप से निलंबित कर देगा। इन गंतव्यों में बहरीन, दम्माम, ढाका, दोहा, फुजैराह, जकार्ता, जेद्दा, काठमांडू, कुवैत सिटी, मदीना, मस्कट, रास अल खैमाह, रियाद और शारजाह शामिल हैं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मुंबई महानगरीय क्षेत्र (MMR) से इन शहरों के लिए चलने वाली सभी उड़ानें दो अलग-अलग हवाई अड्डों में बंटने के बजाय एक ही जगह से संचालित हों, जिससे यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट्स में सहूलियत मिले। MIAL के अनुसार, इस कदम से CSMIA की 91 प्रतिशत मौजूदा परिचालन क्षमता अप्रभावित रहेगी।
उल्लेखनीय है कि 1964 में बने CSMIA के टर्मिनल-1 की हालत को लेकर IIT बॉम्बे और स्ट्रक्चरवेल द्वारा किए गए ऑडिट में सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई गई थीं। इसके चलते अप्रैल 2027 से T1 के डिमोलिशन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) के तहत T1 के दोबारा निर्माण का काम 2030 तक पूरा होगा, जिसके बाद नए टर्मिनल की क्षमता 15 मिलियन से बढ़कर 20 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (mppa) हो जाएगी।









