
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले सत्ताधारी राजग (NDA) की ताकत में भारी इजाफा हुआ है। एक ओर जहां लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की मान्यता दे दी, वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को भी सदन में एनडीए के साथ बैठने के लिए अलग सीटें आवंटित कर दी गई हैं। इसका नतीजा यह हुआ है कि बजट सत्र के दौरान जहां एनडीए के पास 295 सांसद थे, वहीं अब सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में यह आंकड़ा बढ़कर 320 से अधिक पहुंच जाएगा।
TMC नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने की पीएम मोदी से मुलाकात
दरअसल, सत्र से ठीक पहले टीएमसी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, जिसके बाद बागी टीएमसी गुट के सूत्रों ने दावा किया कि पीएम मोदी ने उनका एनडीए में स्वागत किया है। इस सियासी बदलाव का खुलासा संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के एक पत्र से हुआ, जिसमें सर्वदलीय बैठक के लिए सुदीप बंद्योपाध्याय को नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सदस्य के रूप में आमंत्रित किया गया। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने 20 बागी TMC सांसदों के NCPI में विलय पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।
TMC ने बागियों को बताया ‘गद्दार’
इस पूरे घटनाक्रम पर टीएमसी की तीखी प्रतिक्रिया आई है। पार्टी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि एक तरफ लोकसभा अध्यक्ष इन 20 गद्दारों को आधिकारिक रिकॉर्ड में अभी भी टीएमसी का सांसद मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री ने उन्हें नई पार्टी के नाम पर बैठक में बुला लिया। इसके बावजूद, बागी गुट की उस मांग को मान लिया गया है जिसके तहत उन्हें एनडीए के हिस्से के रूप में लोकसभा में अलग सीटें दी जाएं, जिसका साफ मतलब है कि ये सांसद सत्र के दौरान अहम मुद्दों पर सरकार के साथ मतदान कर सकेंगे।
शिवसेना UBT के 6 बागियों को भी मिली मंजूरी
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने अपने छह बागी सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग को लेकर लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी, लेकिन ओम बिरला ने इस कानूनी राय को स्वीकार कर लिया कि यदि किसी संसदीय दल के दो-तिहाई सदस्य चाहें तो वे दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। इस फैसले के बाद अब शिवसेना UBT के ये छह बागी सांसद आधिकारिक रूप से एकनाथ शिंदे गुट का हिस्सा बन गए हैं।









