
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में खरीफ उत्पादक गोष्ठी का शुभारंभ किया और प्रदेश में पिछले 12 वर्षों में खेती-किसानी के बदले स्वरूप को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि एक दौर था जब अच्छा बीज न मिलने और फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसान आत्महत्या करने को मजबूर था, लेकिन आज सरकार की नीतियों और किसानों की मेहनत से यूपी चीनी और इथेनॉल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है।
‘अब कोई किसान मजबूर नहीं, हर जरूरत पूरी हो रही’
सीएम योगी ने कहा, 12 साल पहले प्रदेश का किसान अच्छे बीज के अभाव में खेती नहीं कर पाता था। फसल का एमएसपी नहीं मिलता था, जिससे हताश होकर वह आत्महत्या जैसा कदम उठा लेता था। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गन्ना किसानों को समय पर भुगतान किया जा रहा है और खेती को तकनीक से जोड़ने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ में एक अत्याधुनिक सीड पार्क का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे किसानों को सही और गुणवत्तापूर्ण बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेगा।
कुशीनगर में बनेगा कृषि विश्वविद्यालय, उत्पादन बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय का निर्माण कराया जा रहा है, जो किसानों और युवाओं को आधुनिक कृषि शिक्षा और शोध से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्पादन को और बढ़ाना है, ताकि किसानों की आय में लगातार वृद्धि होती रहे। इस गोष्ठी में बड़ी संख्या में किसानों ने हिस्सा लिया और फसलों की नई तकनीकों की जानकारी हासिल की।









