
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की दिव्यांग बेटी रागिनी के लिए हर दिन स्कूल पहुंचना एक बेहद कठिन और दर्दनाक संघर्ष था। कोई आवागमन का साधन न होने के कारण वह घिसटते हुए किसी तरह अपने स्कूल तक पहुंचती थी। भारत समाचार ने रागिनी के इस अदम्य हौसले और उसकी तकलीफ की खबर को प्रमुखता से देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया था। इस खबर का ऐसा असर हुआ कि चैनल ने सिर्फ रिपोर्टिंग तक सीमित न रहकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया।
बता दें, खबर प्रसारित होने के ठीक अगले दिन भारत समाचार की टीम रागिनी की मदद के लिए उसके गांव पहुंची। चैनल की ओर से बलिया के संवाददाता सर्वेंद्र विक्रम सिंह स्थानीय पत्रकार साथियों के साथ रागिनी के घर पहुंचे और उसे एक नई ट्राई-साइकिल और ढेरों उपहार सौंपे। ट्राई-साइकिल मिलने से अब रागिनी को स्कूल जाने के लिए किसी यातना से नहीं गुजरना पड़ेगा और उसकी पढ़ाई की राह काफी आसान और सुगम हो जाएगी।
पत्रकारिता का वास्तविक उद्देश्य केवल सवाल पूछना या सूचनाएं देना ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी है। एक ट्राई-साइकिल भले ही पूरी दुनिया को न बदल सके, लेकिन उसने रागिनी की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया है। भारत समाचार अपनी इसी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ लगातार ‘खबर के साथ, समाज के साथ’ के अपने संकल्प को दोहराता है।









