
भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल्स विभाग ने उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत दवा कंपनियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह योजना 11 महत्वपूर्ण दवाओं की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए शुरू की गई है, जिनमें Neomycin, Gentamycin, Erythromycin, Streptomycin, Tetracycline, Ciprofloxacin और Diclofenac Sodium शामिल हैं। ये उत्पाद या तो अब तक अनसब्सक्राइब हैं या आंशिक रूप से ही सब्सक्राइब किए गए हैं।
14 जून है अंतिम तिथि:
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 जून 2025 है। योजना में शामिल कंपनियों को मौजूदा क्षमता, इंसेंटिव सीमा और उत्पादन अवधि (FY28 तक केमिकल सिंथेसिस उत्पादों के लिए, FY29 तक फर्मेंटेशन आधारित उत्पादों के लिए) जैसी शर्तों का पालन करना होगा। पहले मंजूरी पाने के बाद वापस लेने या रद्द हुई कंपनियां फिर से आवेदन नहीं कर सकतीं।
Pharmexcil ने कंपनियों से उठाने को कहा मौका:
फार्मास्युटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) ने अपने सदस्यों से आग्रह किया है कि वे इस योजना का पूरा लाभ उठाएं। Pharmexcil के महानिदेशक राजा भानु ने कहा कि यह फार्मा क्षेत्र के लिए घरेलू निर्माण क्षमताओं को बढ़ाने का बड़ा अवसर है।
PLI योजना के तहत अब तक ₹14,020 करोड़ का इंसेंटिव:
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2020 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 41 उत्पाद शामिल किए गए हैं और इसका कुल वित्तीय परिव्यय ₹6,940 करोड़ है। मार्च 2025 तक केंद्र सरकार ने बताया कि कुल 764 आवेदन मंजूर किए गए हैं, और ₹1.61 लाख करोड़ के निवेश की रिपोर्ट नवंबर 2024 तक प्राप्त हुई है। अब तक 10 प्रमुख क्षेत्रों में ₹14,020 करोड़ से अधिक के इंसेंटिव वितरित किए जा चुके हैं।









