इलेक्टोरल बॉन्ड पर विपक्ष को लगा तगड़ा झटका!, SIT गठित की मांग को सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

मामले की सुनवाई न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ द्वारा की जा रही थी।

देश की सर्वोच्च अदालत ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना की जांच के लिए SIT गठित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। दरअसल, याचिका के जरिए कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा राजनीतिक पार्टियों को दिए गए चंदों की जांच के लिए याचिका डाली गई थी, जिसको सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है।

गैर सरकारी संगठन ने जारी की थी याचिका

मामले की सुनवाई न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ द्वारा की जा रही थी। इस दौरान पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत मामले में दखलंदाजी करना अनुचित है। साथ ही कहा कि परस्पर फायदे की धारणा के आधार पर चुनावी बॉन्ड की खरीद की जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता है। आपको बता दें इलेक्टोरल बॉन्ड योजना की जांच के लिए गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज और सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (CPIL) के साथ अन्य लोगों के द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाली गई थी। इसके अलावा डॉ. खेम सिंह भट्टी और सुदीप नारायण तमानकर और जयप्रकाश शर्मा ने भी याचिका लगाई थी। इस याचिका में राजनीतिक पार्टियां और कॉरपोरेट के बीच फायदे के लिए लेन-देन करने का आरोप लगाया गया था।

पहले ही लगा रखी है रोक

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना पर रोक लगाई थी। इस दौरान कहा गया था कि यह योजना संविधान के अनुच्छेद 19(1) का उल्लंघन कर रही है। साथ ही योजना के पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल भी उठाया था। वहीं कोर्ट ने स्टेट बैंक पर बॉन्ड जारी करने से रोक भी लगा दिया था।

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