केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब एक दिन में 200 लीटर ही मिल सकेगा डीजल , नए नियम हुए लागू

Diesel Sale Cap : भारत सरकार ने होर्मुज संकट के बीच एक बड़ा जरूरी फैसला लिया है। देश में डीजल की कोई कमी नहीं है। मगर ईरान युद्ध के चलते लोगों में एक डर बना हुआ है। जमाखोर इस दहशत के माहौल का फायदा उठा रहे हैं। यही वजह है कि मोदी सरकार ने डीजल की जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती दिखाई है। जी हां, केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

सरकार ने डीजल की बिक्री पर एक सीमा तय कर दी है। अब एक व्यक्ति 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं ले पाएगा। दरअसल, सरकार ने आज यानी शुक्रवार को रिटेल पेट्रोल पंपों पर हाई स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री को सीमित करने का आदेश जारी किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब किसी भी ग्राहक को एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल बेचा जा सकेगा। इसका मतलब है कि अब एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल मिल पाएगा।

सरकार का कहना है कि यह फ़ैसला डीज़ल की जमाखोरी, गैर-ज़रूरी स्टोरेज और संभावित ब्लैक मार्केट को रोकने के लिए लिया गया है। हाल के दिनों में कुछ इलाकों में ज़्यादा फ़्यूल खरीदने और स्टॉक करने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

ऑर्डर के मुताबिक, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ज़रूरतों वाले कस्टमर्स को यह फ्यूल अपनी ऑथराइज़्ड फैसिलिटी, डिपो या तय पंप से खरीदना होगा। इसका मकसद यह पक्का करना है कि बल्क फ्यूल खरीदने वाले कस्टमर्स रिटेल नेटवर्क पर ज़्यादा दबाव न डालें।

आदेश में और क्या है ?

सरकार ने साफ किया है कि यह एक टेम्पररी अरेंजमेंट है और इसका समय ज़्यादा से ज़्यादा 90 दिन तक होगा। ज़रूरत पड़ने पर हालात का रिव्यू करने के बाद इसे बदला जा सकता है। संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) और पेट्रोल पंप ऑपरेटरों को ऑर्डर का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना ​​है कि इस कदम से आम कस्टमर्स, ट्रांसपोर्ट सर्विस, एग्रीकल्चर सेक्टर और दूसरी ज़रूरी सर्विस के लिए डीज़ल की रेगुलर अवेलेबिलिटी पक्का करने में मदद मिलेगी। अगर बड़ी मात्रा में फ्यूल की खरीद और स्टोरेज को कंट्रोल नहीं किया गया, तो कुछ इलाकों में आर्टिफिशियल कमी का खतरा बढ़ सकता है।

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