मैदानी इलाके में दिखने लगा पहाड़ों की बारिश का असर, गंगा ने दिखाना शुरू किया विकराल रूप

पहाड़ों की बारिश का असर मैदानी इलाके में पड़ रहा है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी दूर रह गया है।

गंगा में बाढ़ ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बाढ़ से गंगा के करीब के गांव प्रभावित हो गए हैं। फर्रुखाबाद जनपद से बदायू बरेली को जोड़ने बाले हाइवे पर भी तक़रीबन 3 से 4 फ़ीट पानी चलने लगा है हालात यह है कि रोड पार करने के लिए वाहनो को गहरे पानी से निकलना पड़ रहा है कई गांवों और सड़कों पर दो-दो फीट पानी बह रहा है। लोगों को आवागमन में दिक्कत होने लगी हैं।

पहाड़ों की बारिश का असर मैदानी इलाके में पड़ रहा है। नरौरा बैराज से गंगा में लगातार तीसरे दिन दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी दूर रह गया है। पांचाल घाट पुल पर गेज 136.85 से बढ़कर 137 मीटर पर पहुंच चुका है। यहां खतरे का निशान 137.10 मीटर पर है। नरौरा बांध से 2,11,074 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिसके चलते अभी जल्दी इस बाढ़ से निजात मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे है।

गंगा की बाढ़ से गांव सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा, सवितापुर, राजाराम की मडैया, नगला दुर्गू, सैदापुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, फुलहा, जटपुरा, कहिलियाई, मंझा, तीसराम की मढ़ैया, जमापुर, गैटियां, आशा की मडैया, कंचनपुर, उदयपुर, जगतपुर, रामपुर, सबलपुर, कुबेरपुर, रतनपुर, नगरिया जवाहर, बमियारी, बरुआ, अमीराबाद, जोगरपुर, कुसुमापुर, कुतुलूपुर, अंबरपुर भाऊपुर चौरासी गांव में पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों के आने-जाने में दिक्कतें बढ़ गई हैं।

गांव तीसाराम की मडैया, इमादपुर सोमवंशी को जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी चल रहा है। बरुआ जाने वाले मार्ग पर तीन फीट पानी है,गंगा के पानी से लगातार पिछले कई दिनों से बढ़ने से ग्रामीणों का हाल बेहाल है, वहीं फर्रुखाबाद बरेली बदायू मार्ग पर चित्रकूट ग्राम के पास हाईवे पर चल रहे पानी को लेकर किसी भी तरह का कोई चेताबनी बोर्ड आदि न लगने के चलते राहगीर अपनी जान जोखिम में डाल कर निकल रहे है।

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