कच्चा तेल सस्ता होने से इन शेयरों में आई तेज , जमकर हो रही खरीदारी

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट का सीधा असर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद के बीच ग्लोबल मार्केट में तेजी का फायदा घरेलू बाजार को भी मिला। इस बड़ी खबर का सबसे ज्यादा फायदा उन कंपनियों को हुआ जिनका बिजनेस काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर रहा है। शुरुआती कारोबार में एयरलाइंस, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs), टायर और पेंट कंपनियों के शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में इंडिगो के शेयर 3 परसेंट से ज्यादा चढ़े, जबकि HPCL और BPCL के शेयर 3 से 4 परसेंट के बीच उछले।

सेंसेक्स-निफ्टी में बेहतर उछाल

वही मार्केट खुलते ही इन्वेस्टर्स ने चौतरफा खरीदारी शुरू कर दी। सुबह 9:18 बजे के डेटा पर नज़र डालें तो BSE का फ्लैगशिप इंडेक्स सेंसेक्स 971 पॉइंट्स (करीब 1.3 परसेंट) की ज़बरदस्त बढ़त के साथ 74,803.93 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी ज़्यादा पीछे नहीं है। निफ्टी 276 पॉइंट्स या 1.2 परसेंट बढ़कर 23,437.65 पर पहुंच गया। मार्केट का ट्रेंड पूरी तरह से पॉजिटिव था। इसे इस बात से आसानी से समझा जा सकता है कि जहां 2,051 कंपनियों के शेयर हरे निशान में ट्रेड कर रहे थे, वहीं सिर्फ़ 307 शेयरों में यह गिरावट देखी गई।

इंडिगो के शेयर टॉप गेनर्स रहे

एविएशन सेक्टर में क्रूड ऑयल की कीमतों में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इंडिगो एयरलाइंस को ऑपरेट करने वाली पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन आज मार्केट में टॉप गेनर्स में से एक रही। कंपनी के शेयर 3 परसेंट से ज़्यादा बढ़कर 4,644 रुपये के लेवल पर पहुंच गए। इस तेज़ी के पीछे की इकोनॉमिक्स बहुत सीधी है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) किसी भी एयरलाइन कंपनी का सबसे बड़ा खर्च होता है। जब इंटरनेशनल लेवल पर क्रूड ऑयल सस्ता होता है, तो एविएशन फ्यूल की कीमत भी कम हो जाती है। कीमत कम होने का मतलब है कि कंपनी की कैपेसिटी बढ़ने पर उसका प्रॉफिट बढ़ेगा। इसी उम्मीद में इन्वेस्टर्स ने एविएशन स्टॉक्स में अपना दांव लगाया है।

Disclaimer: यह आर्टिकल सिर्फ़ जानकारी देने के लिए है और इसे किसी भी तरह से इन्वेस्टमेंट की सलाह नहीं समझना चाहिए। भारत समाचार अपने रीडर्स और व्यूअर्स को सलाह देता है कि पैसे से जुड़ा कोई भी फ़ैसला लेने से पहले अपने फ़ाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह लें।

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