
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच बेहिसाब बिजली कटौती को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आ रही बिजली संकट और जनता की भारी परेशानी की खबरों का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने कल सुबह ठीक 10:30 बजे एक आपात और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक (High-Level Review Meeting) बुलाई है। इस बैठक में ऊर्जा विभाग के तमाम बड़े अधिकारियों और डिस्काम के प्रबंध निदेशकों को तलब किया गया है।
अफसरों की तय होगी जवाबदेही, ट्रिपिंग पर होगी बात
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य एजेंडा प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना, लोकल फॉल्ट को तुरंत ठीक करना और अघोषित ट्रिपिंग पर लगाम लगाना है। मुख्यमंत्री इस बैठक में लापरवाही बरतने वाले और जनता की शिकायतों पर ध्यान न देने वाले अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक के बाद कुछ बड़े अधिकारियों पर गाज भी गिर सकती है।
यूपीपीसीएल (UPPCL) पर आंकड़ों की बाजीगरी का आरोप
इस बीच बिजली विभाग के भीतर से आ रही खबरों ने मामले को और गरमा दिया है। सूत्रों का दावा है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के शीर्ष अधिकारी अपनी कमियों और जवाबदेही से बचने के लिए कागजी आंकड़ों की बाजीगरी में जुट गए हैं। बताया जा रहा है कि जमीनी हकीकत को छुपाने के लिए इधर-उधर के भ्रामक आंकड़े समेटकर मुख्यमंत्री के सामने पेश करने का मंसूबा बनाया जा रहा है, ताकि विभाग को कार्रवाई से बचाया जा सके। हालांकि, मुख्यमंत्री कार्यालय जमीनी स्तर से स्वतंत्र फीडबैक ले रहा है।









