
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता के साथ शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को भी लगातार सुदृढ़ कर रही है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव यतीन्द्र कुमार ने निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), उत्तर प्रदेश को पत्र जारी कर 17 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) में वरिष्ठ प्रवक्ताओं को वरिष्ठता क्रम के आधार पर प्रधानाचार्य पद का प्रभार दिए जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एटा, इटावा और मऊ के DIET में तीन वरिष्ठ प्रवक्ताओं/अधिकारियों को प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। योगी सरकार के विशेष सचिव की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन द्वारा सम्यक विचारोपरांत DIET के सुचारु संचालन के लिए संबंधित वरिष्ठ प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पद का प्रभार दिए जाने का निर्णय लिया गया है। निदेशक SCERT को संबंधित अधिकारियों को प्रभार दिलाने और आवश्यक अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन वरिष्ठ प्रवक्ताओं को मिली जिम्मेदारी
शासन के निर्देश के अनुसार बहराइच में राजेश कुमार सिंह, श्रावस्ती में राम प्रताप सिंह, हमीरपुर में विनोद कुमार, फिरोजाबाद में मुक्तेश कुमार, फर्रुखाबाद में संजय कुमार, हाथरस में नवाब वर्मा, ललितपुर में दीपक श्रीवास्तव, जालौन में अश्वनी प्रताप सिंह, चंदौली में विश्वदीपक त्रिपाठी, मिर्जापुर में विमलेश कुमार त्रिपाठी, सोनभद्र में सुश्री रिद्धि पाण्डेय, बलिया में सुनील कुमार, देवरिया में कुलदीप नारायण सिंह, कुशीनगर में दीनानाथ, संतकबीर नगर में नरेन्द्र सिंह, शाहजहांपुर में आशीष चौहान और झांसी में नन्दित कुमार को प्रधानाचार्य पद का प्रभार दिए जाने के संबंध में कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
एटा, इटावा और मऊ में अतिरिक्त प्रभार
तीन DIET में प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। पत्र के अनुसार वरिष्ठ प्रवक्ता, DIET अलीगढ़ आराध्य उपाध्याय को DIET एटा, जिला विद्यालय निरीक्षक इटावा अतुल कुमार सिंह को DIET इटावा तथा वरिष्ठ प्रवक्ता, DIET मऊ अतुल कुमार तिवारी को DIET मऊ के प्रधानाचार्य पद का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के लिए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
DIET प्रदेश की शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षकों के प्रशिक्षण, क्षमता संवर्धन, शैक्षणिक सहयोग और विद्यालयी शिक्षा में नवाचारों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में इन संस्थानों की अहम भूमिका है। ऐसे में DIET को प्रभावी नेतृत्व उपलब्ध कराने की यह पहल शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









