
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महाकुंभ मेला क्षेत्र में हुई भगदड़ के बाद राज्य सरकार से पीड़ितों के लिए त्वरित राहत उपायों की मांग की है। उन्होंने अपनी एक्स पर पोस्ट कर सरकार से कुछ अहम सुझाव दिए, ताकि महाकुंभ में फंसे लोगों को राहत पहुंचाई जा सके।
अखिलेश यादव ने पहले सुझाव दिया कि मेला क्षेत्र में भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। इसके लिए जगह-जगह दिन-रात ढाबे खोलने और भंडारों के आयोजन की अपील की गई। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश भर से मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टाफ़ को स्वयंसेवी व्यक्तियों के दुपहिया वाहनों के माध्यम से दूरस्थ इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचाया जाए।
अखिलेश ने वाहनों के फंसे होने की समस्या का समाधान करते हुए कहा कि महाकुंभ के आस-पास और प्रदेशभर में फंसे वाहनों को पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, उन्होंने दवाई की दुकानों को दिन-रात खोलने की अनुमति देने की भी मांग की, ताकि घायल और बीमार लोगों को तत्काल इलाज मिल सके। लोगों को कपड़े और कंबल दिए जाने का सुझाव भी उन्होंने दिया, ताकि सर्दी से बचाव हो सके।
अखिलेश यादव ने इस दौरान यह भी सवाल उठाया कि जहां हजारों करोड़ रुपये प्रचार पर खर्च किए जा रहे हैं और दुर्घटनाओं की खबरों को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं पीड़ितों के लिए सरकार राहत कार्यों में क्यों पीछे हट रही है। उनका यह सवाल प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।









