
भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाला आगामी ICC T20 वर्ल्ड कप मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है, और इस मैच में “स्लोअर बॉल ट्रैप” एक बड़ा मुद्दा बनेगा। भारतीय बल्लेबाज इस तकनीक के खिलाफ खासा संघर्ष कर रहे हैं।
जहां एक ओर सभी की नजरें साउथ अफ्रीका और वेस्ट इंडीज के मुकाबले पर होंगी, वहीं भारत को भी इस ट्रैप से बचने के लिए अपनी तैयारी पूरी करनी होगी। चेपॉक में होने वाले इस मैच में भारतीय टीम को अपनी बल्लेबाजी में सुधार करना होगा।
भारत का स्लोअर बॉल के खिलाफ प्रदर्शन
CricViz के आंकड़ों के अनुसार, भारत की बल्लेबाजी तब सुस्त पड़ जाती है जब गेंद की गति धीमी की जाती है। भारत का औसत स्लोअर बॉल के खिलाफ 15.33 है, जो सुपर एट में सभी टीमों में सबसे कम है। इसके अलावा, इन बॉल्स में से 40.2 प्रतिशत बॉल डॉट होती हैं, जो भारत को एक और सूची में टॉप कर देती है, जिसे वे बिल्कुल भी नहीं चाहेंगे।
स्लोअर बॉल ट्रैप को धीमे पिचों पर बहुत अच्छे से अंजाम दिया जाता है, और चेपॉक की पिच भी कुछ इसी तरह की हो सकती है।
भारत की संघर्षशील मध्य ओवर बल्लेबाजी
इस टूर्नामेंट में भारत की मध्य ओवर बल्लेबाजी (ओवर 7 से 15) बेहद कमजोर रही है। इस अवधि में भारत ने 15 विकेट खो दिए हैं, जो सुपर एट टीमों में से दूसरे सबसे ज्यादा हैं। इंग्लैंड ने इस दौरान 18 विकेट खोये। इस दौरान भारत का रन रेट 7.31 है, जो सुपर एट टीमों में से दूसरा सबसे कम है (इंग्लैंड का रन रेट 7.94 है)। इसका मतलब यह है कि भारत का ‘SKYBall’ बैटिंग स्टाइल अब तक अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाया है।
जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की चुनौती
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्रैड एवन्स (21 लगातार T20I पारियों में विकेट) और ब्लेसिंग मुझरबानी (11 विकेट) के पास कई हथियार और वेरिएशन्स हैं, जो भारत को इस स्लोअर बॉल ट्रैप में फिर से फंसा सकते हैं, खासकर कटर्स का उपयोग करके।
टीमों की सूचियाँ
भारत स्क्वॉड: ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रिंकु सिंह, अरशदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, संजू सैमसन









