
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण यात्रा के पहले चरण में शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे। अबू धाबी हवाई अड्डे पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने व्यक्तिगत रूप से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
आगमन के तुरंत बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की उच्च-स्तरीय वार्ता शुरू हुई, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देने और मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
भारत हर हाल में यूएई के साथ खड़ा है
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-यूएई की अटूट मित्रता को दोहराते हुए कहा, भारत हर स्थिति और हर परिस्थिति में यूएई के साथ खड़ा रहेगा। आने वाले समय में दोनों देश हर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बलपूर्वक कहा कि संवाद और कूटनीति ही इसका एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। ऐसे समय में बातचीत और संयम बेहद जरूरी है। तनाव का समाधान संवाद से ही निकल सकता है।
यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित किया है। भारत ने हमेशा युद्धविराम और शांति बहाली के लिए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया है।
यात्रा के दौरान ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और एआई जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। प्रधानमंत्री मोदी यूएई के बाद अपनी बहु-देशीय यात्रा के अगले चरण के लिए रवाना होंगे।









