Bihar: अररिया पॉलिटेक्निक कॉलेज में रैगिंग का खौफनाक रूप, सीनियर्स ने लोहे की रॉड और चाकू से पीट-पीटकर छात्र को किया बेहोश…

बिहार के अररिया सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में रैगिंग के नाम पर सेकंड सेमेस्टर के छात्र रौशन सिंह को सीनियर्स ने लोहे की रॉड और चाकू से पीटकर बेहोश कर दिया। पुलिस जांच में जुटी।

अररिया: बिहार के अररिया जिले में स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज से रैगिंग और जानलेवा हमले की एक बेहद रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहां रैगिंग के नाम पर सीनियर छात्रों ने द्वितीय सेमेस्टर (सेकंड सेमेस्टर) के एक छात्र पर लोहे की रॉड, लाठी-डंडों और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इस कदर बर्बर था कि पीड़ित छात्र गंभीर रूप से जख्मी होकर मौके पर ही बेहोश हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी सीनियर छात्र वहां से फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल छात्र की पहचान रौशन सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गया जिले का रहने वाला है। कॉलेज में हॉस्टल की क्षमता कम होने के कारण वह कैंपस के बाहर एक निजी हॉस्टल (प्राइवेट हॉस्टल) में रह रहा था।

परीक्षा खत्म होते ही रची हमले की साजिश

पीड़ित छात्र के पिता रवींद्र सिंह ने बताया कि यह हमला पूरी तरह सोची-समझी साजिश (प्री-प्लान्ड) के तहत किया गया। फाइनल ईयर की प्रैक्टिकल परीक्षाएं खत्म होने के बाद सीनियर छात्रों ने जूनियर्स को निशाना बनाने का प्लान तैयार किया था। वे हथियारों के साथ उस निजी हॉस्टल पहुंचे जहां प्रथम वर्ष के छात्र रह रहे थे।

तनाव बढ़ता देख मकान मालिक ने बीच-बचाव करने और मामला शांत कराने के लिए रौशन को बाहर बुलाया, लेकिन बाहर आते ही सीनियर्स ने उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। परिजनों का कहना है कि सीनियर्स और जूनियर्स के बीच पहले भी छोटी-मोटी झड़पें हुई थीं, लेकिन कॉलेज प्रशासन की लापरवाही के कारण आज इतनी बड़ी और जानलेवा घटना घट गई।

12-13 नामजद, लेकिन हमले में 30 तक छात्र शामिल: प्रिंसिपल

घटना के बाद कॉलेज कैंपस में हड़कंप मच गया है। कॉलेज के प्रिंसिपल अभिजीत कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक आंतरिक अनुशासन समिति (डिसिप्लिनरी कमिटी) का गठन कर दिया है।

प्रिंसिपल ने बताया कि पीड़ित छात्र के माता-पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस ने शुरुआती तौर पर 12 से 13 संदिग्ध छात्रों की पहचान कर ली है, लेकिन चश्मदीद गवाहों और मौके पर मौजूद अन्य छात्रों का दावा है कि इस खौफनाक हमले में 20 से लेकर 30 छात्र शामिल थे। अनुशासन समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्रों को कॉलेज से सस्पेंड या निष्कासित भी किया जा सकता है।

पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपियों की तलाश तेज

इस सनसनीखेज मामले पर अररिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सुशील कुमार ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पुलिस ने पीड़ित छात्र रौशन सिंह का बयान अस्पताल में दर्ज कर लिया है।

एसडीपीओ सुशील कुमार ने कहा, “गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल के बाहर एक छात्र पर जानलेवा हमला किए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्शन में आई। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट है कि इस हिंसक वारदात के पीछे फाइनल ईयर के छात्रों का हाथ है। आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।”

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