
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के सुप्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेकिंग रूट पर लापता महिला का सुराग लगाने के लिए जिला प्रशासन और रेस्क्यू एजेंसियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। नैनीताल की रहने वाली ट्रेकर बबीता पांडे बीते 29 मई से दयारा बुग्याल ट्रेक के गोई नामक इलाके से लापता हैं। कई दिनों बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलने के कारण अब उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़ाते हुए रविवार को हेलीकॉप्टर के जरिए हवाई सर्वेक्षण भी शुरू कर दिया है।
जमीन से आसमान तक कड़ा पहरा, सर्च टीमें अलर्ट
उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने बताया कि लापता महिला की खोजबीन के लिए देश की सर्वश्रेष्ठ रेस्क्यू टीमों को काम पर लगाया गया है। इस समय धरातल पर नेहरू पर्वतारोहण संस्थान , राजस्व विभाग, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल की टीमें लगातार घने जंगलों, घाटियों और दुर्गम रास्तों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।
हर मुमकिन एंगल से खंगाला जा रहा इलाका
प्रशासन के मुताबिक, इस बात की प्रबल आशंका है कि लापता बबीता पांडे दयारा बुग्याल या उसके आस-पास के किसी संकरे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र या गहरी खाई वाले इलाकों में हो सकती हैं। पहाड़ों में घने पेड़ों और धुंध के कारण जमीनी टीमों को आने वाली दिक्कतों को देखते हुए ही आज रविवार को हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया। आसमान से हर एक मुमकिन एंगल और कंदराओं पर नजर रखी जा रही है ताकि जल्द से जल्द महिला का पता लगाया जा सके।
परिजनों की बढ़ी चिंता
ट्रेकिंग के दौरान 29 मई को गोई इलाके से अचानक लापता हुईं बबीता पांडे के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय गाइडों और साथी ट्रेकर्स से भी पूछताछ की गई है, लेकिन अभी तक उनके लापता होने की असल वजह या सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि जब तक बबीता पांडे का सुराग नहीं मिल जाता, तब तक यह संयुक्त सर्च ऑपरेशन इसी तरह पूरी तीव्रता के साथ जारी रहेगा।









