
पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। निफ्टी50 286 अंकों की गिरावट के साथ 23,080 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 821 अंक टूटकर 73,421 पर पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में भी दिखा दबाव
भारतीय बाजार के साथ-साथ एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। निक्केई 3.70 प्रतिशत, हेंग सेंग 1.19 प्रतिशत और शंघाई कंपोजिट 1.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता का असर प्रमुख बाजारों पर दिखाई दिया।
निफ्टी में अधिकांश शेयर लाल निशान में
बाजार में बिकवाली का दबाव इतना अधिक रहा कि निफ्टी50 के 50 में से 46 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। केवल चार शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। इंडेक्स में सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज और अपोलो हॉस्पिटल्स प्रमुख बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि विप्रो, टाटा स्टील, हिंडाल्को, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टीसीएस में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजारों में भी रही भारी बिकवाली
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी तेज गिरावट देखने को मिली थी। नैस्डैक कंपोजिट 4.2 प्रतिशत टूट गया। बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद सेमीकंडक्टर शेयरों में आई कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। इससे यह आशंका मजबूत हुई कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है।
एसएंडपी 500 और डाउ जोन्स भी दबाव में
अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 इंडेक्स 2.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे लगातार नौ सप्ताह की बढ़त का सिलसिला टूट गया। वहीं डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में करीब 700 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाती है।









