
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से अंधाधुंध कानून व्यवस्था को चुनौती देती हुई एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां रोहतक की रहने वाली मनीषा सरस्वती मित्तल की शनिवार को उनके ही स्कूल परिसर में घुसकर अपराधियों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि मृतका को पहले से ही अपनी जान का खतरा था, लेकिन गुहार लगाने के बावजूद पुलिस समय रहते एक्शन नहीं ले सकी।
भाई के साथ चल रहा था संपत्ति विवाद
प्रारंभिक जांच और मृतका मनीषा मित्तल के सोशल मीडिया अकाउंट्स से साफ जाहिर हो रहा है कि वह पिछले कई महीनों से मानसिक रूप से अत्यधिक तनाव में थीं। उनका अपने सगे भाई हिमांक के साथ संपत्ति को लेकर गहरा विवाद चल रहा था। मनीषा ने इंटरनेट मीडिया पर भी अपनी परेशानी साझा की थी, जिससे स्पष्ट है कि उन्हें अंदेशा था कि उनका भाई और दो अन्य लोग मिलकर उनकी हत्या करवा सकते हैं।
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हुए गंभीर सवाल
जानकारी के मुताबिक, अपनी जान को खतरा बताते हुए मनीषा ने पहले ही स्थानीय पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और मदद की गुहार लगाई थी। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी इस बेहद संवेदनशील शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस एक्शन नहीं उठाया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर हमलावरों ने दिनदहाड़े स्कूल में घुसकर मनीषा को अपनी गोली का शिकार बना लिया।
इस वारदात के बाद हरकत में आई शिमला पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और विभिन्न एंगल्स से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही कातिल सलाखों के पीछे होंगे।









