अब ‘जलेबी और पेड़े’ से होगी रायबरेली की नई पहचान,’एक जनपद एक व्यंजन’ योजना के तहत शासन को भेजा गया प्रस्ताव

रायबरेली : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘एक जनपद एक व्यंजन’ के तहत रायबरेली जिले को एक नई और मीठी पहचान मिलने जा रही है। जिले के पारंपरिक स्वादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने ‘जलेबी’ और ‘पेड़ा’ का चयन कर इसका आधिकारिक प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही शासन से मंजूरी मिलने के बाद रायबरेली की जलेबी और पेड़े को जिले का आधिकारिक ब्रांड घोषित कर दिया जाएगा।

डलमऊ का पेड़ा, सलोन का सफेद पेड़ा और लालपेड़ा बढ़ाएंगे शान
रायबरेली जिले में पेड़े का इतिहास और इसका स्वाद बेहद अनूठा है। जिले के अलग-अलग कस्बों में पेड़े की अपनी एक खास वैरायटी और पहचान है:

डलमऊ का पेड़ा: ऐतिहासिक नगरी डलमऊ में बनने वाला पेड़ा न सिर्फ पूरे जिले बल्कि आसपास के कई जनपदों के लोगों की पहली पसंद है।

सलोन का सफेद पेड़ा: सलोन क्षेत्र में मिलने वाला सफेद पेड़ा अपने खास स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर है।

शहर का लालपेड़ा: रायबरेली मुख्य शहर का पारंपरिक लालपेड़ा भी खाने वालों के स्वाद को दोगुना कर देता है।

इसके साथ ही ‘जलेबी’ जिले के हर छोटे-बड़े कस्बे और ग्रामीण अंचलों में लगने वाले मेलों की मुख्य जान रही है। इन्हीं मिष्ठान्नों की भारी लोकप्रियता, उत्पादन की अपार संभावनाओं और बड़े बाजार को देखते हुए इन्हें योजना में शामिल किया गया है।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगी नई उड़ान
‘एक जनपद एक व्यंजन’ योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले के पारंपरिक और विशिष्ट खाद्य उत्पादों को एक नई पहचान दिलाना है। इस योजना के जरिए जहां स्थानीय हलवाइयों और डेयरी उद्योग से जुड़े लोगों को एक बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा, वहीं स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को भी भारी मजबूती मिलेगी। ब्रांड घोषित होने के बाद इन उत्पादों की पैकेजिंग, मार्केटिंग और क्वालिटी पर विशेष काम किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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